आसनसोल से टीएमसी सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने दावा किया है कि उन्हें बीजेपी की ओर से पार्टी में शामिल होने का ऑफर मिला था। उन्होंने कहा कि टीएमसी के कुछ अन्य नेताओं को भी लालच और दबाव के जरिए पार्टी छोड़ने के लिए तैयार करने की कोशिश की गई थी। शत्रुघ्न सिन्हा ने ये बातें एक न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में कहीं।
ममता बनर्जी को बताया अपना नेता
इंटरव्यू में जब उनसे ममता बनर्जी, अभिषेक बनर्जी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनके रिश्तों को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने ममता बनर्जी की जमकर तारीफ की।
शत्रुघ्न सिन्हा ने ममता बनर्जी को अपना नेता बताते हुए कहा कि वह सड़क पर उतरकर संघर्ष करने वाली नेता हैं।
करीब 30 साल बीजेपी में रहे सिन्हा
शत्रुघ्न सिन्हा ने बताया कि वह करीब 30 साल तक बीजेपी में रहे। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी की भी तारीफ की।
उन्होंने कहा कि उस दौर में बीजेपी में बड़े नेताओं की अहम भूमिका थी। बाद में पार्टी में कई बदलाव हुए और बड़े नेताओं को किनारे किए जाने से उन्हें चिंता होने लगी।
पीएम मोदी को अब भी दोस्त मानते हैं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि जब मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री से राष्ट्रीय राजनीति में तेजी से आगे बढ़े, तो उन्होंने और कई नेताओं ने उनका समर्थन किया था।
सिन्हा ने कहा कि मोदी कभी उनके दोस्त रहे हैं और वह आज भी उन्हें अपना दोस्त मानते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के तौर पर वह मोदी का सम्मान करते हैं।
हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी में बड़े नेताओं को साइडलाइन किए जाने के बाद उन्होंने पार्टी के भविष्य और अपनी भूमिका को लेकर सोचना शुरू कर दिया था।
पटना चुनाव में हार का भी किया जिक्र
शत्रुघ्न सिन्हा ने दावा किया कि एक समय ऐसा आया जब उन्हें अपना राजनीतिक रास्ता अलग चुनना पड़ा। उन्होंने कहा कि पटना में, जहां से वह दो बार सांसद रह चुके थे, उन्हें एक साजिश के तहत चुनाव हराया गया।
बोले- टिकाऊ हूं, बिकाऊ नहीं
टीएमसी को तोड़ने की कोशिशों पर शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि चुनाव के बाद बीजेपी ने टीएमसी नेताओं को अपने साथ लाने की कोशिश की। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके लिए धनबल, लालच और जांच एजेंसियों के इस्तेमाल जैसे तरीके अपनाए गए।
सिन्हा ने दावा किया कि बीजेपी की ओर से उनसे भी संपर्क किया गया था और सुविधाओं का ऑफर दिया गया था। लेकिन उन्होंने इसे स्वीकार करने से इनकार कर दिया।
उन्होंने कहा, “मैं टिकाऊ हूं, बिकाऊ नहीं।”
सिन्हा के मुताबिक, इसके बाद उनकी सुरक्षा भी कम कर दी गई और जेड कैटेगरी की सुरक्षा से लेकर पूरी सुरक्षा हटाए जाने तक की कार्रवाई हुई।
उन्होंने कहा कि अगर कोई उन्हें प्यार से बुलाता है तो उन्हें अच्छा लगेगा, लेकिन किसी राजनीतिक ऑफर को स्वीकार करना उनके लिए संभव नहीं है। उन्होंने साफ कहा कि वह अपने सिद्धांत और चरित्र से समझौता नहीं करेंगे।

