पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी का नाम अमेठी के मेदान मवई गांव की पंचायत मतदाता सूची में नहीं मिला. हालांकि, उनका नाम लोकसभा और विधानसभा की मतदाता सूची में दर्ज है, जिससे इस मामले को लेकर चर्चा शुरू हो गई है.
मामले को लेकर अमेठी के जिलाधिकारी संजय चौहान ने बताया कि उन्होंने मामले की जांच के आदेश दे दिये हैं. वर्ष 2019 से 2024 तक लोकसभा में अमेठी का प्रतिनिधित्व करने वाली बीजेपी की नेता स्मृति ईरानी ने 2019 का लोकसभा चुनाव जीतने के बाद गौरीगंज विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत मेदान मवई गांव में अपना आवास बनाया. वह गांव की मतदाता के रूप में भी रजिस्टर्ड हैं और उन्होंने लोकसभा चुनाव के दौरान मतदान किया था.
बता दें कि यह मामला 10 जून को पंचायत मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद सामने आया, जिसमें उनका नाम शामिल नहीं था. स्मृति ईरानी का नाम हटाने के पीछे के कारण के बारे में पूछे जाने पर जिलाधिकारी ने बताया कि जांच के आदेश दे दिए गए हैं और रिपोर्ट आने के बाद सही कारण स्पष्ट होगा.
नाम जोड़ने के लिए किया गया आवेदन
बीजेपी की अमेठी जिला इकाई के अध्यक्ष सुधांशु शुक्ला ने कहा कि ईरानी का नाम वोटर लिस्ट में जोड़ने के लिए एक आवेदन पत्र जमा किया गया है और मामला वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में लाया गया है. उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने आश्वासन दिया था कि उचित सत्यापन के बाद नाम जोड़ा जाएगा. साल 2024 में हुए लोकसभा चुनाव में स्मृति ईरानी को कांग्रेस के किशोरी लाल शर्मा ने हरा दिया था.

