केरल के वायनाड जिले में मेप्पाडी-कल्लाडी सुरंग निर्माण स्थल पर मंगलवार को हुए भूस्खलन में 5 लोगों की मौत हो गई। हादसे में 3 लोग अब भी लापता हैं, जबकि 7 घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है।
राहत और बचाव दल भारी मशीनों और खोजी कुत्तों की मदद से मलबे में फंसे लोगों की तलाश कर रहे हैं। इस घटना के बाद केरल सरकार के दो मंत्रियों ने निर्माण कंपनी पर सवाल उठाए हैं।
यह प्राकृतिक हादसा नहीं था, बल्कि मेन मेड आपदा था
केरल के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला और कृषि मंत्री टी सिद्दीकी ने आरोप लगाया कि यह प्राकृतिक हादसा नहीं था, बल्कि मेन मेड आपदा था. उन्होंने कहा कि एक टनल प्रोजेक्ट के पास बिना किसी सुरक्षा और तकनीक से मिट्टी और मलबा जमा करने की वजह से हुआ है. उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग ने कंस्ट्रक्शन कंपनी को पहले ही इस मलबे को हटाने के निर्देश दिए थे, लेकिन कंपनी ने इन आदेशों का पालन नहीं किया. इन मंत्रियों का आरोप है यहां पास में रहने वाले आठ परिवारों को सुरक्षित जगह पर शिफ्ट करने की बात भी कही गई थी, जिसे नजरअंदाज किया गया.
कोई तकनीकी गड़बड़ी नहीं: कंस्ट्रक्शन कंपनी
वहीं कंस्ट्रक्शन कंपनी ने केरल सरकार के मंत्रियों के आरोपों खारिज कर दिया. कंपनी ने कहा कि उनका प्रोजेक्ट सभी इंजीनियरिंग, सुरक्षा और पर्यावरण नियमों के तहत ही चल रहा था. कंपनी ने बताया कि उनकी तरफ से कोई तकनीकी गड़बड़ी नहीं हुई है, जिस वजह से ये हादसा हो जाए. सीएम वीडी सतीशन ने केरल राज्य प्रबंधन प्राधिकरण (KSDMA) के अधिकारियों के साथ बैठक के बाद पुष्टि की कि ठेकेदारों को मलबा हटाने की चेतावनी पहले ही दे दी गई थी, जिसका उन्होंने पालन नहीं किया.
अधिकारियों ने बताया कि लापता मजदूरों की तलाश के लिए रातभर बचाव अभियान जारी रहेगा. मेप्पाडी पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. यह हादसा कल्लाडी स्थित मीनाक्षी पुल के पास उस स्थान पर हुआ, जहां अनाक्कमपोयिल-कल्लाडी-मेप्पाडी सुरंग परियोजना का निर्माण कार्य चल रहा है.

