लद्दाख में PNG-CNG पर बड़ा फैसला, VAT 21% से घटाकर 5% किया गया

लद्दाख में PNG-CNG पर बड़ा फैसला, VAT 21% से घटाकर 5% किया गया

लद्दाख प्रशासन ने साफ और सस्ती ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब केंद्र शासित प्रदेश में नेचुरल गैस यानी CNG और PNG पर VAT 21% से घटाकर 5% कर दिया गया है। इससे लोगों के लिए नेचुरल गैस सस्ती होने की उम्मीद है।

इसके साथ ही लद्दाख के घरों और व्यावसायिक जगहों तक पाइप के जरिए गैस पहुंचाने की योजना को भी बढ़ावा दिया जाएगा।

CNG और PNG होंगी सस्ती

लद्दाख के उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना ने इस फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि टैक्स में कटौती से लोगों को सस्ती और साफ ऊर्जा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

VAT में यह कमी CNG और PNG दोनों पर लागू होगी। इससे गाड़ियों में CNG के इस्तेमाल को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। साथ ही घरेलू और व्यावसायिक जरूरतों के लिए पेट्रोल, डीजल और LPG पर निर्भरता भी कम हो सकती है।

PNGRB ने भी की थी VAT कम करने की सलाह

पेट्रोलियम और नेचुरल गैस रेगुलेटरी बोर्ड (PNGRB) ने PNG और CNG को 5% या उससे कम VAT वाले ढांचे में लाने की सलाह दी थी।

बोर्ड का कहना था कि लद्दाख जैसे दूरदराज और पहाड़ी इलाकों में गैस की शुरुआती कीमत कम रखना जरूरी है, ताकि ज्यादा से ज्यादा घर और स्थानीय व्यवसाय इसका इस्तेमाल कर सकें।

लद्दाख में पाइप गैस नेटवर्क को मिलेगा बढ़ावा

VAT कम होने से लद्दाख में सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) नेटवर्क को बढ़ाने में मदद मिल सकती है। इसके जरिए लोगों के घरों और दुकानों तक पाइपलाइन के माध्यम से PNG पहुंचाने की योजना है।

लद्दाख की ऊंचाई और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण पेट्रोलियम उत्पादों को वहां पहुंचाने में ज्यादा खर्च आता है। टैक्स कम होने से इस अतिरिक्त लागत का असर कुछ हद तक कम किया जा सकता है।

साफ ऊर्जा की ओर बढ़ेगा लद्दाख

प्रशासन का मानना है कि CNG और PNG के इस्तेमाल से लद्दाख में स्वच्छ और टिकाऊ ऊर्जा व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। इससे प्रदूषण कम करने और भविष्य में कार्बन उत्सर्जन घटाने की दिशा में भी मदद मिल सकती है।

लद्दाख प्रशासन ने इससे पहले भी कनेक्टिविटी को सस्ता बनाने के लिए एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) पर VAT 26.25% से घटाकर 1% किया था।

कुल मिलाकर, CNG और PNG पर VAT में यह कटौती लद्दाख में सस्ती गैस, बेहतर ऊर्जा पहुंच और साफ ईंधन के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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