अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अहम बैठक में रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को ट्रस्ट का पहला मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) बनाया गया है। CEO बनने के बाद जितेंद्र मिश्रा की पहली प्रतिक्रिया भी सामने आई है।
उन्होंने कहा कि वह इस जिम्मेदारी को अपना सौभाग्य मानते हैं और इसके लिए चयन समिति का दिल से धन्यवाद करते हैं।
बोले- इसे भगवान राम का आशीर्वाद मानता हूं
जितेंद्र मिश्रा ने कहा कि उनका चयन कई उम्मीदवारों में से हुआ है और वह इसके लिए चयन समिति के आभारी हैं।
उन्होंने कहा कि वायुसेना में 43 साल तक देश की सेवा करने के बाद अब श्रीराम मंदिर और राम भक्तों की सेवा का अवसर मिलना उनके लिए भगवान राम का आशीर्वाद है।
मिश्रा ने यह भी कहा कि वह भगवान राम से प्रार्थना करेंगे कि उन्हें इस जिम्मेदारी को अच्छे तरीके से निभाने की क्षमता मिले।
चयन प्रक्रिया पर क्या कहा?
CEO बनने के बाद जब उनसे चयन प्रक्रिया के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि चयन समिति ने अपनी प्रक्रिया और उसकी टाइमलाइन के बारे में पहले मीडिया और इंटरनेट के जरिए जानकारी दी थी।
उन्होंने कहा कि चयन प्रक्रिया के बारे में विस्तृत जानकारी चयन समिति ही बेहतर तरीके से बता सकती है।
मिश्रा ने एक बार फिर चयन समिति, राम मंदिर ट्रस्ट और भगवान श्रीराम का आभार जताया।
चढ़ावा चोरी के सवाल पर बोले- आगे की बात करना चाहता हूं
राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी से जुड़े सवाल पर जितेंद्र मिश्रा ने सीधे तौर पर कोई टिप्पणी नहीं की। उन्होंने कहा कि वह बीते समय की बात करने के बजाय आने वाले समय पर ध्यान देना चाहते हैं।
उन्होंने उम्मीद जताई कि भगवान राम की कृपा से आने वाले समय में मंदिर से जुड़े काम बेहतर तरीके से किए जाएंगे।
नए CEO का आगे क्या प्लान है?
जितेंद्र मिश्रा ने कहा कि उनका चयन अभी हाल ही में CEO के पद के लिए हुआ है, इसलिए फिलहाल आगे की योजनाओं के बारे में विस्तार से बात करना जल्दबाजी होगी।
उन्होंने कहा कि CEO के रूप में कार्यभार संभालने के बाद ट्रस्ट के प्रयासों और अपनी टीम की मदद से राम मंदिर के लिए बेहतर से बेहतर काम करने की पूरी कोशिश करेंगे।
इस तरह रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा अब श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले CEO के तौर पर अपनी नई जिम्मेदारी संभालेंगे।

