अयोध्या के राम मंदिर से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। मंदिर में चढ़ावे को लेकर लगे आरोपों के बीच राम मंदिर ट्रस्ट की अहम बैठक हुई, जो करीब सवा तीन घंटे तक चली। बैठक में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का इस्तीफा सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया गया। अब उनकी जगह कृष्ण मोहन दास मंदिर के कामकाज की जिम्मेदारी संभालेंगे।
चंपत राय के इस पद से हटने और नए पदाधिकारी की नियुक्ति के बाद यह सवाल उठ रहा है कि क्या ट्रस्ट कृष्ण मोहन दास को इस बड़ी जिम्मेदारी के लिए कोई अलग से सैलरी देगी?
कृष्ण मोहन दास देखेंगे मंदिर का कामकाज
अब राम मंदिर के रोजमर्रा के प्रबंधन, वीआईपी मूवमेंट और मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था समेत तमाम अहम कार्यों की जिम्मेदारी कृष्ण मोहन दास के कंधों पर है. गोविंद देव गिरी ने साफ किया है कि अब से मंदिर का सारा प्रशासनिक और व्यावहारिक कामकाज कृष्ण मोहन दास ही संभालेंगे. राम मंदिर जैसी देश की सबसे बड़ी धार्मिक और संवेदनशील जगह के प्रबंधन को संभालना उनके लिए बेहद चुनौतीपूर्ण काम होगा, खासकर तब जब मंदिर में हाल ही में चढ़ावा चोरी जैसी घटना सामने आई होगी.
क्या कृष्ण मोहन दास को अलग से मिलेगी सैलरी?
कृष्ण मोहन दास को इतनी बड़ी जिम्मेदारी मिलने के बाद लोगों के मन में यह सवाल उठना जायज है कि क्या उनको इसके लिए कोई अलग से सैलरी मिलेगी या नहीं? बता दें कि ट्रस्ट के बनाए गए स्पष्ट नियमों के अनुसार, इसके अंतर्गत आने वाले सभी ट्रस्टी और मुख्य पदाधिकारी पूरी तरह से अवैतनिक पदों पर काम करते हैं. इसका मतलब यह है कि कृष्ण मोहन दास को राम मंदिर का इतना बड़ा कामकाज देखने के लिए ट्रस्ट की तरफ से कोई भी अलग से वेतन नहीं दिया जाएगा. राम मंदिर के ट्रस्टी को कोई नियमित सैलरी नहीं मिलती है. हालांकि पुजारियों और अन्य कर्मचारियों को पद के अनुसार वेतन मिलता है.

