स्टेट ट्रांसफार्मेशन कमीशन के मुख्य कार्यकारी (सीईओ) अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने कहा है कि राज्य की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में महिलाओं की भागीदारी इस समय 32.4 प्रतिशत है।
जिसे विकसित उत्तर प्रदेश-2047 के रोडमैप के अनुरूप बढ़ाकर 50 प्रतिशत किए जाने का लक्ष्य है। प्रदेश की युवतियों व महिलाओं के लिए रोजगार, कौशल विकास तथा आर्थिक अवसरों को सशक्त बनाना है।
मंगलवार को महिला श्रम बल भागीदारी अनुपात विषय पर आयोजित अंतर विभागीय संवाद कार्यक्रम में सीईओ ने कहा कि देश के सकल घरेलू उत्पाद में महिलाओं का योगदान लगभग 18 प्रतिशत है, जबकि वैश्विक औसत 37 प्रतिशत है।
इस अंतर को कम करके देश की अर्थव्यवस्था को गति दी जा सकती है। वर्ष 2017-18 में प्रदेश में यह अनुपात 13.5 प्रतिशत था जो वर्ष 2024-25 में बढ़कर 32.4 प्रतिशत हो गया है। आइपीई ग्लोबल लि. की राष्ट्रीय प्रमुख रेखा मेनन ने कहा कि उत्तर प्रदेश के विकास में महिलाओं की आर्थिक भागीदारी महत्वपूर्ण है।
इसके लिए सभी विभागों को समन्वित प्रयास करना होगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए बनाया गया सेल का संचालन स्टेट ट्रांसफार्मेशन कमीशन करेगा। कमीशन 12 विभागों के बीच समन्वय स्थापित करते हुए उद्योगों के साथ सहभागिता तथा महिला रोजगार से जुड़े कार्यक्रमों की निगरानी करेगा।
योजना के तहत आटीआइ में महिलाओं का नामांकन बढ़ाने, विशेष रोजगार की सुविधा विकसित करने, महिलाओं के लिए सुरक्षित छात्रावास का विस्तार करने तथा औद्योगिक क्षेत्र मेंं महिला रोजगार को बढ़ावा देने का काम किया जाएगा।

