भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स में अपना पहला स्वर्ण पदक जीत लिया है। स्टार वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने शानदार प्रदर्शन करते हुए महिलाओं के 48 किलोग्राम भारवर्ग में गोल्ड मेडल अपने नाम किया। यह लगातार चौथी बार है जब मीराबाई चानू ने कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक जीता है। इस बार उन्होंने ग्लासगो में आयोजित खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर भारत का खाता खोला। मीराबाई ने लगातार तीसरे कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीतकर नया इतिहास भी रच दिया।
उन्होंने 2018, 2022 और 2026 में स्वर्ण पदक जीता है। इससे पहले 2014 के कॉमनवेल्थ गेम्स में उन्होंने रजत (सिल्वर) पदक हासिल किया था। मीराबाई की इस शानदार जीत से भारत को खेलों में पहला गोल्ड मिला है और देशभर में खुशी का माहौल है।
कुल मिलाकर 190 किलो वजन उठाया
भारत की स्टार वेटलिफ्टर ने स्नैच और क्लीन एंड जर्क में कुल मिलाकर 190 किलो वजन उठाया. मीराबाई की यह जीत धमाकेदार इसलिए भी रही क्योंकि उन्होंने दूसरे स्थान पर रहीं नाइजीरिया की रुथ न्योंग से 22 किलोग्राम अधिक वजन उठाया.
स्नैच राउंड में मीराबाई चानू ने 85 किलोग्राम वजन उठाकर कॉमनवेल्थ गेम्स में रिकॉर्ड बनाया. उसके बाद उन्होंने क्लीन एंड जर्क राउंड में 105 किलोग्राम वजन उठाया. इस तरह उन्होंने कुल 190 किलो वजन उठाकर गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया. यह कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत द्वारा जीता गया कुल दूसरा मेडल है. उनसे पहले पुरुषों की 60 किलोग्राम कैटेगरी में ऋषिकांत सिंह सिल्वर मेडल जीत चुके हैं.
बता दें कि क्लीन एंड जर्क राउंड में मीराबाई चानू पहले ही प्रयास में 105 किलोग्राम वजन उठाने आई थीं, लेकिन असफल रहीं. मगर दूसरे प्रयास में उन्होंने इतना ही वजन उठाकर गोल्ड सुनिश्चित कर लिया था.
इस मेडल को जीतकर भारत मेडल टेबल में सातवें स्थान पर आ गया है. भारत के नाम अभी तक एक गोल्ड, एक सिल्वर और एक ब्रॉन्ज मेडल आया है. अब तक मीराबाई चानू (गोल्ड), ऋषिकांत सिंह (सिल्वर) और पैरा पावरलिफ्टिंग में झंडू कुमार ने ब्रॉन्ज मेडल जीता है.

