पश्चिम बंगाल की राजनीति में अहम मानी जाने वाली 21 जुलाई की शहीद दिवस रैली को लेकर इस बार नया विवाद सामने आया है। कोलकाता पुलिस ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के दोनों प्रतिद्वंद्वी गुटों को धर्मतल्ला इलाके में जनसभा आयोजित करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है।
पुलिस आयुक्त अजय नंदा ने बताया कि विक्टोरिया हाउस और उसके आसपास के क्षेत्र में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 163 लागू है। इस वजह से वहां किसी भी बड़े राजनीतिक कार्यक्रम या जनसभा की अनुमति नहीं दी जा सकती। पुलिस के इस फैसले के बाद दोनों गुट अब रैली के लिए दूसरे स्थान की तलाश कर रहे हैं।
इस मामले पर कालीघाट तृणमूल की नेता डोला सेन ने कहा कि उनकी पार्टी न्याय व्यवस्था का सम्मान करती है। उन्होंने बताया कि पिछले 33 वर्षों से आयोजित हो रही शहीद दिवस रैली की परंपरा को जारी रखने के लिए पार्टी के भीतर वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर चर्चा की जा रही है।
पिछले रविवार को कुणाल घोष और डोला सेन ने बिना अनुमति के ही आयोजन स्थल पर जाकर मंच निर्माण के लिए नापजोख शुरू कर दी थी। जिसके बाद हेयर स्ट्रीट थाने में इन नेताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किया गया है।
यह पूरा विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब 2018 की एक रैली में अदालती निर्देशों के उल्लंघन के पुराने मामले में हाई कोर्ट ने ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी को नोटिस जारी किया है।
