अमेरिका की ओर से भारत समेत कई देशों पर अतिरिक्त आयात शुल्क लगाने की तैयारियों के बीच भारत सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने फैसला किया है कि जबरन मजदूरी (Forced Labour) से बने सामान के आयात को रोकने के लिए विदेश व्यापार नीति (Foreign Trade Policy) में नया नियम जोड़ा जाएगा। केंद्र सरकार ने सोमवार को जारी नोटिफिकेशन में बताया कि यह नया नियम अगले 30 दिनों के भीतर लागू हो जाएगा।
यह प्रस्ताव वाणिज्य मंत्रालय के तहत काम करने वाले विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) ने तैयार किया है। सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य ऐसे उत्पादों के आयात पर रोक लगाना है, जो जबरन मजदूरी के जरिए बनाए जाते हैं।
नए नियम के तहत देश में जबरन मजदूरी से तैयार किए गए किसी भी सामान या इनपुट के आयात पर पूरी तरह पाबंदी लगाई जा सकेगी। इस कदम के जरिए भारत ने अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन द्वारा तय की गई जबरन मजदूरी की वैश्विक परिभाषा को भी आधिकारिक रूप से अपना लिया है।
भारत समेत 60 देशों के खिलाफ जांच चल रही है
आपको बता दें कि सरकार ने यह कदम ऐसे समय में उठाया है जब अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) की ‘सेक्शन 301’ के तहत भारत समेत करीब 60 देशों के खिलाफ जांच चल रही है। अमेरिका का आरोप है कि ये देश जबरन मजदूरी से बने सामान को रोकने में नाकाम रहे हैं, जिसके तहत USTR ने भारत पर 12.5% अतिरिक्त टैरिफ (आयात शुल्क) लगाने का प्रस्ताव दिया है। हालांकि भारत ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है, लेकिन इस नए नियम के जरिए भारत अपनी अंतरराष्ट्रीय स्थिति और व्यापार वार्ताओं को मजबूत करना चाहता है।
इस व्यवस्था को लागू करने के लिए DGFT को विशेष शक्तियां दी जाएंगी, जिससे वह जांच के आधार पर ऐसे प्रतिबंधित सामानों की एक आधिकारिक लिस्ट जारी कर सकेगा। इसके अलावा, भारत ने ILO की 1930 की परिभाषा को अपनाया है, जिसके तहत किसी भी व्यक्ति से सजा के डर से या बिना उसकी मर्जी के कराया गया काम जबरन मज़दूरी माना जाएगा।

