भारत और चीन के बीच लंबे समय से चले आ रहे सीमा विवाद को लेकर एक बार फिर महत्वपूर्ण कूटनीतिक बातचीत होने जा रही है। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल सोमवार, 24 अगस्त 2026 को चीन की राजधानी बीजिंग पहुंचेंगे।
वहां उनकी मुलाकात चीन के विदेश मंत्री और विशेष प्रतिनिधि वांग यी से होगी। दोनों नेता भारत-चीन सीमा विवाद को लेकर विशेष प्रतिनिधियों की बैठक में हिस्सा लेंगे।
25वें दौर की बातचीत में सीमा विवाद पर चर्चा
अजीत डोभाल और वांग यी मंगलवार को विशेष प्रतिनिधियों की बातचीत के 25वें दौर में शामिल होंगे। इस बैठक में भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।
इस बातचीत का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे सीमा विवाद का कूटनीतिक और राजनीतिक समाधान तलाशना है। इसके अलावा सीमा पर शांति और स्थिरता बनाए रखने के मुद्दे पर भी चर्चा हो सकती है।
2003 में शुरू हुआ था विशेष प्रतिनिधि तंत्र
भारत और चीन ने सीमा विवाद के समाधान के लिए 2003 में विशेष प्रतिनिधि यानी Special Representatives (SR) तंत्र बनाया था। इसके तहत दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारी सीमा से जुड़े महत्वपूर्ण और जटिल मुद्दों पर सीधे बातचीत करते हैं।
भारत और चीन के बीच करीब 3,488 किलोमीटर लंबी सीमा को लेकर विवाद है। सीमा के कई हिस्सों पर दोनों देशों के दावे अलग-अलग हैं।
डोभाल और वांग यी की भूमिका अहम
अजीत डोभाल भारत की ओर से इस बातचीत में विशेष प्रतिनिधि हैं, जबकि वांग यी चीन की ओर से इस भूमिका में हैं। दोनों नेताओं के बीच होने वाली बातचीत में सीमा विवाद के अलावा सीमा पर तनाव कम करने और शांति बनाए रखने के उपायों पर भी चर्चा हो सकती है।
भारत और चीन के रिश्तों पर सीमा विवाद का लंबे समय से असर रहा है। ऐसे में दोनों देशों के विशेष प्रतिनिधियों की यह बैठक आपसी संवाद को आगे बढ़ाने और सीमा पर स्थिरता बनाए रखने के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

