दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में भारत-अफगानिस्तान फ्रेंडशिप कप टी-20 मैच के दौरान टिकटों की कालाबाजारी करने वालों पर दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई की है। आईपी एस्टेट थाना पुलिस ने तीन दिन तक चले विशेष अभियान में 19 आरोपियों को गिरफ्तार किया।
पुलिस ने आरोपियों के पास से कुल 71 क्रिकेट मैच टिकट और 7,400 रुपये नकद बरामद किए हैं। इस मामले में पुलिस ने कुल 13 FIR दर्ज की हैं।
सस्ते टिकट खरीदकर महंगे दाम पर बेचने का आरोप
पुलिस के मुताबिक, कुछ आरोपी कम कीमत पर मैच के टिकट हासिल कर रहे थे और उन्हें दर्शकों को कई गुना ज्यादा कीमत पर बेचने की कोशिश कर रहे थे।
टिकटों की कालाबाजारी की जानकारी मिलने के बाद एसीपी कमला मार्केट राजीव भारद्वाज के निर्देश पर एक विशेष एंटी-टाउटिंग टीम बनाई गई।
पुलिस ने दिल्ली गेट मेट्रो स्टेशन, एमजी मार्ग, बीएसजेड मार्ग और जेपीएन पार्क समेत कई जगहों पर निगरानी बढ़ाई। सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों को भी तैनात किया गया।
ग्राहक बनकर पुलिस ने की जांच
पुलिस ने संदिग्ध लोगों पर नजर रखने के साथ कुछ मामलों में डिकॉय कस्टमर यानी नकली ग्राहक भी भेजे।
जब टिकटों को अवैध तरीके से बेचने की पुष्टि हुई, तब पुलिस ने आरोपियों को मौके पर पकड़ लिया। इस तरह पुलिस ने केवल शक के आधार पर नहीं, बल्कि टिकट बेचने की पुष्टि के बाद कार्रवाई की।
14 सितंबर को 5 आरोपी गिरफ्तार
पुलिस के मुताबिक, 14 सितंबर को चार अलग-अलग मामले दर्ज किए गए। इस दौरान अक्षय शर्मा, जतिन दहिया, गौरव कुमार, रंजन कुमार और बिजेंद्र संगम को गिरफ्तार किया गया।
इनके पास से 29 टिकट और 3,400 रुपये नकद बरामद किए गए।
15 सितंबर को 10 लोगों पर कार्रवाई
15 सितंबर को पुलिस ने कार्रवाई तेज करते हुए छह FIR दर्ज कीं और 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया।
इनकी पहचान रवि कुमार, अफसर, कृष्णा केवट, संदीप कुमार, यशपाल, अनिल कुमार सिंह, मोहम्मद फैज, रोशन कुमार, अरुण कुमार और तोफीक के रूप में हुई।
पुलिस ने इनके पास से 31 क्रिकेट टिकट और 4,000 रुपये नकद बरामद किए।
17 सितंबर को 4 और आरोपी पकड़े गए
इसके बाद 17 सितंबर को पुलिस ने तीन और मामले दर्ज किए। इस कार्रवाई में त्रिलोचन यादव, जितेश राज, गौरव और नारायण सिंह को गिरफ्तार किया गया।
इनके पास से 11 मैच टिकट बरामद किए गए।
टिकट कहां से आए, इसकी जांच जारी
अब पुलिस की जांच केवल टिकट बेचने वालों तक सीमित नहीं है। अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि आरोपियों को ये टिकट कहां से मिले और टिकटों की पूरी सप्लाई चेन क्या थी।
पुलिस टिकट खरीदने, एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक पहुंचने और फिर दर्शकों को महंगे दाम पर बेचने की पूरी कड़ी की जांच कर रही है। साथ ही, पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो नहीं है।

