भारतीय नौसेना को शनिवार (11 जुलाई) को एक नया और आधुनिक युद्धपोत INS महेंद्रगिरी मिलने जा रहा है। यह वॉरशिप विशाखापत्तनम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मौजूदगी में नौसेना में शामिल किया जाएगा।
ये प्रोजेक्ट – 17ए का छठा स्वदेशी स्टेल्थ फ्रीगेट है। इसका नाम पूर्वी घाट की महेंद्रगिरि पर्वतमाला के नाम पर रखा गया है, जो शक्ति, मजबूती और अटल संकल्प का प्रतीक है। महेंद्रगिरि नाम धारण करने वाला यह नेवी का पहला वॉरशिप है। अब तक प्रोजेक्ट -17ए के तहत जितने भी वॉरशिप नेवी को मिले हैं वे सब पुराने वॉरशिप का नया अवतार थे यानी उनका नाम पुराने वॉरशिप से लिया गया था।
नेवी में कमिशन होगा आईएनएस महेंद्रगिरी
आईएनएस महेंद्रगिरी इस साल का छठा वॉरशिप है जो नेवी में कमिशन होगा। इससे पहले इस साल अब तक पांच और वॉरशिप नेवी को मिल चुके हैं। इसी महीने नेवी में एक और शिप कमिशन होना है। साथ ही अगले दो महीने में नेवी को 4 और शिप डिलीवर होंगे।
2026 में नेवी में 18 शिप कमिशन होंगे
नेवी ने इस साल की शुरूआत में बताया था कि साल 2026 में नेवी में 18 शिप कमिशन होंगे। जनवरी 2025 से अब तक नेवी को 17 शिप मिल चुके हैं और आईएनएस महेंद्रगिरी 18 वां शिप होगा।
बन रहे हैं 40 से ज्यादा शिप
नेवी के लिए इस वक्त 40 से ज्यादा शिप अंडर कंस्ट्रक्शन हैं। स्वदेशी शिप लगातार नेवी की ताकत बढ़ा रहे हैं। अभी नेवी के पास कुल 19 फ्रिगेट हैं और आईएनएस महेंद्रगिरी के शामिल होने के साथ ही फ्रिगेट की संख्या 20 हो जाएगी।
महेंद्रगिरि का डिजाइन नेवी के वॉरशिप डिजाइन ब्यूरो ने तैयार किया
महेंद्रगिरि का डिजाइन नेवी के वॉरशिप डिजाइन ब्यूरो ने तैयार किया है और इसका निर्माण मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड , मुंबई ने किया है। इसमें दुश्मन की नजर से बचने वाली आधुनिक स्टील्थ तकनीक, ज्यादा सुरक्षा, कम रडार पहचान और उच्च स्तर की ऑटोमेशन जैसी खूबियां हैं। यह जहाज नौसैनिक युद्ध के सभी प्रकार के अभियानों को अंजाम देने में सक्षम है।

