पटना: बिहार मंत्रिमंडल ने मंगलवार को 17 प्रस्तावों को मंजूरी दी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में गयाजी के विष्णुपद मंदिर क्षेत्र के विकास, सोन-फल्गु नदी जोड़ योजना और जलस्रोत पुनर्स्थापन एवं गाद प्रबंधन नीति, 2026 समेत कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।
बैठक के बाद सूचना भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने फैसलों की जानकारी दी।
काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर होगा विष्णुपद मंदिर का विकास
कैबिनेट ने गया के विष्णुपद मंदिर क्षेत्र के विकास को मंजूरी दी है। इसके लिए 2520 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।
विष्णुपद मंदिर और उसके आसपास के क्षेत्र को वाराणसी के काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं देना और गया में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना है।
सोन-फल्गु नदी जोड़ योजना को मंजूरी
कैबिनेट ने सोन-फल्गु नदी जोड़ योजना के निर्माण कार्य को भी मंजूरी दी है। इसके लिए 996 करोड़ 5 लाख रुपये की अनुमानित राशि स्वीकृत की गई है।
इस योजना का उद्देश्य जल प्रबंधन को बेहतर बनाना और नदी से जुड़े क्षेत्रों को लाभ पहुंचाना है।
मखाना विकास योजना के लिए 8,979 करोड़ रुपये
वित्तीय वर्ष 2026-27 में मखाना विकास योजना के लिए 8,979 करोड़ रुपये की राशि निकालने को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी है।
सरकार का लक्ष्य मखाना उत्पादन और इससे जुड़े विकास कार्यों को बढ़ावा देना है।
125 दिन की मजदूरी गारंटी वाली योजना को मंजूरी
कैबिनेट ने जी राम जी योजना के तहत 125 दिनों की मजदूरी गारंटी से जुड़े प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है।
यह योजना 1 जुलाई 2026 से बिहार के सभी 38 जिलों में लागू है।
सरकारी दंत कॉलेजों में नियुक्ति और प्रमोशन का रास्ता साफ
राजकीय दंत महाविद्यालय एवं अस्पतालों में प्राध्यापक, लेक्चरर और अन्य संबंधित पदों पर नियुक्ति और प्रोन्नति के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है।
सरकार के मुताबिक, इससे दंत महाविद्यालयों की शिक्षण व्यवस्था मजबूत होगी और खाली पदों को भरने में मदद मिलेगी।
पांच मेडिकल कॉलेजों में 366 असिस्टेंट प्रोफेसर के पद
स्वास्थ्य विभाग के प्रस्ताव के तहत बिहार के पांच राजकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में सहायक प्राध्यापक के 366 पदों पर नियुक्ति को मंजूरी दी गई है।
इनमें शामिल हैं:
- राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, बेतिया
- राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, पूर्णिया
- जननायक कर्पूरी ठाकुर चिकित्सा महाविद्यालय, मधेपुरा
- राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, छपरा (सारण)
- श्री राम जानकी चिकित्सा महाविद्यालय, समस्तीपुर
कैबिनेट के इन फैसलों से बिहार में धार्मिक पर्यटन, जल प्रबंधन, मखाना उत्पादन और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े क्षेत्रों में विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

