
रांची(JHARKHAND): जेल की सलाखों के भीतर जो हुआ, उसने पूरे झारखंड को शर्मसार कर दिया है। रांची के होटवार जेल में न्यायिक अभिरक्षा में बंद एक महिला कैदी के साथ जेल सुपरिटेंडेंट द्वारा लगातार शारीरिक शोषण किए जाने और उसके गर्भवती हो जाने की घटना अत्यंत गंभीर, शर्मनाक और मानवता को झकझोर देने वाली है।
पुष्ट जानकारी मिली है कि पीड़ित महिला बंदी को इलाज और बीमारी के बहाने गुप्त स्थानों एवं चिकित्सालयों में ले जाकर जैविक गर्भ एवं फॉरेंसिक साक्ष्यों को नष्ट करने की साजिश रची जा रही है। जेल आईजी स्वयं इस मामले को रफा-दफा करने, फाइलों को गायब करने और दोषी जेल सुपरिटेंडेंट को संरक्षण देने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
अवैध गतिविधियों, अधिकारियों के आवागमन और इस पूरे घटनाक्रम के गवाह रहे कर्मियों को भी योजनाबद्ध तरीके से इधर-उधर स्थानांतरित कर चुप कराने का प्रयास किया जा रहा है।
Hemant Soren जी, स्पष्ट सुन लीजिए कि यदि न्यायिक अभिरक्षा में बंद महिला का शारीरिक शोषण करने वाले सुपरिटेंडेंट और सबूतों को मिटाने वाले जेल आईजी को पदमुक्त कर उन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया तो, सिद्ध हो जाएगा कि जेल में बंद महिलाओं के शोषण जैसे कुकृत्य में आप और आपके शीर्ष अधिकारी भी संलिप्त हैं।
राष्ट्रीय महिला आयोग, मानवाधिकार आयोग, राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग, माननीय उच्च न्यायालय, माननीय सर्वोच्च न्यायालय संज्ञान लें तथा झारखंड की जेलों में होने वाले महिलाओं के शारीरिक उत्पीड़न और कुकृत्य के खिलाफ कार्रवाई करें।
NEWSANP के लिए ब्यूरो रिपोर्ट

