बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान 23 से 25 अगस्त के बीच भारत की यात्रा कर सकते हैं। फरवरी में प्रधानमंत्री पद संभालने के बाद यह उनका भारत का पहला दौरा हो सकता है। माना जा रहा है कि इस यात्रा का मकसद भारत और बांग्लादेश के बीच तनावपूर्ण रिश्तों को बेहतर करना है।
हालांकि, दोनों देशों की सरकारों की ओर से अभी तक इस यात्रा की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
भारत-बांग्लादेश रिश्ते सुधारने की कोशिश
तारिक रहमान की सरकार सत्ता में आने के बाद से भारत के साथ संबंध सुधारने की कोशिश कर रही है। पिछले कई हफ्तों से दोनों देशों के बीच प्रधानमंत्री की भारत यात्रा को लेकर बातचीत चल रही है।
हालांकि, बांग्लादेश ने हाल ही में कहा था कि यात्रा के लिए दोनों देशों के बीच बेहतर कूटनीतिक माहौल जरूरी है। यह बयान उस समय आया जब भारत में रह रहीं पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने मीडिया से बातचीत की थी।
शेख हसीना के प्रत्यर्पण का मुद्दा
भारत और बांग्लादेश के बीच तनाव की एक बड़ी वजह शेख हसीना का भारत में रहना है। बांग्लादेश लगातार भारत से उनके प्रत्यर्पण की मांग कर रहा है।
शेख हसीना 2024 में अपनी सरकार के खिलाफ हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद बांग्लादेश छोड़कर भारत आ गई थीं। बाद में उन्हें एकतरफा सुनवाई में मौत की सजा सुनाई गई। उन पर छात्र आंदोलन के दौरान हिंसक कार्रवाई का आदेश देने का आरोप लगाया गया था। हालांकि, हसीना ने इन आरोपों को खारिज किया है और इसे राजनीतिक कार्रवाई बताया है।
दिसंबर में बांग्लादेश लौटने की बात कह चुकी हैं हसीना
शेख हसीना ने हाल ही में पत्रकारों से बातचीत में दिसंबर में बांग्लादेश लौटने की बात कही थी। ऐसे में तारिक रहमान की संभावित भारत यात्रा को दोनों देशों के बीच संबंध सुधारने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
हालांकि, भारत और बांग्लादेश के विदेश मंत्रालयों ने तारिक रहमान की प्रस्तावित यात्रा को लेकर पूछे गए सवालों पर अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।

