पाकिस्तान ने खैबर पख्तूनख्वा के बन्नू जिले में हुए हमले को लेकर भारत पर आरोप लगाया है, लेकिन अपने दावे के समर्थन में कोई सबूत पेश नहीं किया है।
पाकिस्तानी सेना के मीडिया विंग इंटर सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) ने शुक्रवार को जारी बयान में कहा कि पिछले 24 घंटों में बन्नू और आसपास के इलाकों में 24 विद्रोहियों को मार गिराया गया। आईएसपीआर ने इन विद्रोहियों को ‘फितना-अल-ख्वारिज’ कहा, जो पाकिस्तान आमतौर पर तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के लिए इस्तेमाल करता है।
दरअसल, बुधवार को खैबर पख्तूनख्वा में दो अलग-अलग हमले हुए थे। पहला हमला लोअर दीर में पुलिस के काफिले पर हुआ, जबकि दूसरा हमला बन्नू जिले के मिरयान पुलिस स्टेशन पर किया गया।
इन हमलों के बाद पाकिस्तान ने बिना किसी सार्वजनिक सबूत के भारत पर आरोप लगाए हैं। भारत की ओर से इस मामले पर फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
ISPR के बयान में कहा गया है कि हाल ही में बन्नू में पुलिस के खिलाफ आतंकवादी गतिविधियों और आत्मघाती बम धमाकों में तेजी आई है। उसने आगे कहा, “इन घटनाओं में, “भारतीय प्रॉक्सी ‘फितना-अल-ख्वारिज’ ने कानून लागू करने वाली एजेंसियों और निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाया।” आईएसपीआर ने बताया कि हमलों के बाद पाकिस्तानी सुरक्षाबलों ने इन जघन्य हमलों के दोषियों और उनके सहयोगी नेटवर्क को खत्म करने के लिए बड़े पैमाने पर संयुक्त खुफिया-आधारित ऑपरेशन शुरू किए हैं।
24 विद्रोहियों को मार गिराने का दावा किया
बयान में कहा गया, “इसी क्रम में, पिछले 24 घंटों में बन्नू जिले और आस-पास के इलाकों में हुई भीषण गोलीबारी के बाद, भारतीय प्रॉक्सी ‘फितना-अल-ख्वारिज’ से जुड़े 24 खवारिज को जहन्नुम भेज दिया गया है।” इसमें आगे कहा गया कि मारे गए आतंकवादियों के पास से हथियार और गोला-बारूद बरामद किए गए, “जो कई आतंकवादी गतिविधियों और निर्दोष नागरिकों की हत्या में सक्रिय रूप से शामिल थे।”
पाक के राष्ट्रपति ने सुरक्षाबलों की तारीफ की
पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने इस ऑपरेशन में 24 विद्रोहियों के मारे जाने पर सुरक्षाबलों की तारीफ की है। राष्ट्रपति कार्यालय के एक बयान के अनुसार, राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने “सफल ऑपरेशन” के लिए सुरक्षा बलों की सराहना की। बयान में उनके हवाले से कहा गया: “‘फितना-अल-ख्वारिज’ के 24 आतंकवादियों को मार गिराना सुरक्षा बलों की पेशेवर दक्षता, संकल्प और बलिदान को दर्शाता है।” उन्होंने आगे कहा, “भारत के संरक्षण में काम कर रहे ‘फितना-अल-ख्वारिज’ और उनकी मदद करने वालों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई को उनके तार्किक अंजाम तक पहुंचाया जाएगा।”

