बच्चों को सस्ती फीस में कोचिंग, जुड़े है 8 लाख स्टूडेंट्स; पटना हाईकोर्ट से क्या बोले शिक्षक खान सर?

बच्चों को सस्ती फीस में कोचिंग, जुड़े है 8 लाख स्टूडेंट्स; पटना हाईकोर्ट से क्या बोले शिक्षक खान सर?

चर्चित कोचिंग शिक्षक फैजल खान उर्फ खान सर ने अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने के लिए पटना हाईकोर्ट (patna highcourt) में एक आपराधिक रिट याचिका दायर की है। इस याचिका में खान सर ने अदालत से कहा कि वह सस्ती फीस पर मजदूर और गरीब लोगों के बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग देते हैं। उनके कोचिंग संस्थान से लगभग 8 लाख स्टूडेंट्स ऑनलाइन और ऑफलाइन तरीके से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि उनके – कोचिंग सेंटर पर हुए बवाल के मामले में पुलिस के साथ जांच में सहयोग किया है। हाईकोर्ट ने इस याचिका पर बुधवार को सुनवाई करते हुए राज्य सरकार से 4 सप्ताह में जवाब मांगा है। अगली सुनवाई 13 जुलाई को होगी।

खान सर ने पटना हाईकोर्ट में दायर याचिका में कहा कि वह एक शिक्षक हैं, जो किफायती दर पर बिहार पुलिस कांस्टेबल, एसएससी, यूपीएससी और अन्य सार्वजनिक रोजगार परीक्षाओं की फिजिकल और ऑनलाइन कोचिंग कराते हैं। उनके कोचिंग संस्थान से लगभग 20,000 छात्र-छात्राएं ऑफलाइन नामांकित हैं। वहीं, साढ़े 7 से 8 लाख परीक्षार्थी ऑनलाइन कोर्स से जुड़े हुए हैं।

उन्होंने कहा कि सामान्य तौर पर रोजाना लगभग 7 से 8 हजार छात्र-छात्राएं उनके कोचिंग सेंटर पर ऑफलाइन क्लास अटेंड करते हैं। खान सर का दावा है कि मजदूर, रिक्शा चालक, घरेलू कामगार और अन्य निम्न आय वर्ग से आने वाले परिवार के बच्चों से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अपेक्षाकृत काफी कम फीस ली जाती है।

उनका कहना है कि बीते 2 जुलाई को मुसल्लहपुर हाट स्थित खान ग्लोबल स्टडीज में नियमित कक्षाओं के बाद रात 10 बजे 15 से 20 लोगों का समूह उनके कोचिंग परिसर में घुस गया और गार्ड पर हमला कर दिया। इसमें गार्ड चुनचुन को सिर में गंभीर चोट आई, उसका खून बहने लगा। हमलावरों ने प्रबंधन को धमकी दी कि कोचिंग सेंटर को दो दिनों के भीतर बम से उड़ा दिया जाएगा।

खान सर ने याचिका में कहा कि कोचिंग प्रबंधन की ओर से कन्हैया कुमार सिंह ने पटना के कदमकुआं थाना में नामजद और अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। आरोप लगाया गया कि बिहार पुलिस भर्ती के रिजल्ट की घोषणा के बाद प्रतिद्वंद्वी कोचिंग संस्थान (ज्ञान बिंदु) ने इस घटना का अंजाम दिया है।

खान सर की ओर से पटना हाईकोर्ट को बताया गया कि उनके द्वारा स्वेच्छा से पटना पुलिस को जांच में सहयोग किया गया। पुलिस को सीसीटीवी फुटेज, हमले से संबंधित अन्य सामग्री उपल्बध कराई गई। पुलिस ने प्रतिद्वंद्वी कोचिंग संस्थान से जुड़े लोगों को गिरफ्तार किया था। इसके बाद एक वीडियो सामने आया था जिसमें दो लोग गोलीबारी करते हुए नजर आए।

उन्होंने कहा कि 4 जून को जब कदमकुआं थाना पुलिस की टीम उनके कोचिंग सेंटर पर वीडियो के सत्यापन के लिए आई तो हमने वीडियो दिख रहे लोगों की पहचान सुरक्षा गार्ड के रूप में की। पुलिस को हथियार भी दे दिया गया। फिर दोनों गार्ड को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इस मामले में कदमकुआं थाने में एफआईआर दर्ज की गई, जिसमें कहा गया है कि दोनों गार्ड ने फैजल खान उर्फ खान सर के कहने पर गोली चलाई। इसी प्राथमिकी को निरस्त करने की गुहार कोर्ट से लगाई गई है।

खान सर की याचिका पर जज का आदेश

पटना हाईकोर्ट के जस्टिस चंद्रशेखर झा की एकलपीठ ने बुधवार को इस याचिका पर सुनवाई की। कोर्ट ने सूभी सरकारी प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया। राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता पीके शाही के सहायक अधिवक्ता प्रभु नारायण शर्मा ने सरकारी प्रतिवादियों का नोटिस स्वीकार किया।

हाईकोर्ट ने सरकार को 4 सप्ताह के भीतर जबाबी हलफनामा दायर करने का आदेश दिया है। साथ ही खान सर को सरकार के जवाबी हलफनामे का जवाब एक सप्ताह में देने का आदेश दिया। अगली सुनवाई की तारीख 13 जुलाई तय की गई है। इस बीच खान सर को अपनी दायर याचिका में गड़बड़ी को दूर करने के लिए भी कहा गया है।

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