विदेश मंत्रालय ने पासपोर्ट नियमों में बदलाव किया है। नए नियमों के तहत 15 साल से कम उम्र के बच्चों के 36 पेज वाले सामान्य पासपोर्ट की वैधता 5 साल होगी। हालांकि, अगर बच्चा 5 साल पूरे होने से पहले 18 साल का हो जाता है, तो पासपोर्ट की वैधता 18 साल की उम्र पूरी होते ही खत्म हो जाएगी। यानी 5 साल या 18 साल की उम्र में से जो पहले आएगा, वही पासपोर्ट की अंतिम वैधता होगी।
बच्चों के पासपोर्ट को लेकर नया नियम
विदेश मंत्रालय ने पासपोर्ट (संशोधन) नियम, 2026 को 17 सितंबर को भारत के राजपत्र में प्रकाशित किया है। इसके जरिए 1980 के पासपोर्ट नियमों में बदलाव किया गया है।
नए नियम के अनुसार, 15 साल से कम उम्र के बच्चों को जारी किया जाने वाला 36 पेज का सामान्य पासपोर्ट जारी होने की तारीख से 5 साल तक वैध रहेगा। लेकिन बच्चे के 18 साल की उम्र पूरी होने पर पासपोर्ट की वैधता समाप्त हो जाएगी।
उदाहरण के तौर पर, अगर किसी बच्चे का पासपोर्ट 14 साल की उम्र में बनता है, तो सामान्य तौर पर उसकी वैधता 5 साल होनी चाहिए। लेकिन बच्चा 18 साल का होते ही पासपोर्ट की वैधता खत्म हो जाएगी।
पासपोर्ट की फीस में भी बदलाव
नए सितंबर वाले नियमों में पासपोर्ट की फीस नहीं बढ़ाई गई है। फीस में बढ़ोतरी पहले ही 20 जून 2026 को की जा चुकी थी और नई दरें 1 जुलाई 2026 से लागू हैं।
- 36 पेज वाला सामान्य पासपोर्ट: ₹2,500
- 36 पेज वाला तत्काल पासपोर्ट: ₹5,000
- 60 पेज वाला सामान्य पासपोर्ट: ₹3,500
- 60 पेज वाला तत्काल पासपोर्ट: ₹6,000
- 60 पेज का पासपोर्ट खोने या खराब होने पर तत्काल नया पासपोर्ट: ₹8,500
बच्चों के पासपोर्ट की फीस कितनी है?
18 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए 36 पेज वाले सामान्य पासपोर्ट की फीस ₹1,750 है। पहले यह फीस ₹1,000 थी।
अगर बच्चे का पासपोर्ट तत्काल सेवा के तहत बनवाया जाता है, तो फीस ₹3,000 है।
इन लोगों को मिलेगी 10% छूट
पासपोर्ट बनवाने पर 8 साल तक के बच्चों और 60 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों को 10 फीसदी की छूट मिलती रहेगी।
हालांकि, यह छूट पासपोर्ट के रिन्यूअल या रिप्लेसमेंट के लिए किए जाने वाले आवेदन पर लागू नहीं होगी।
सरल शब्दों में: अब 15 साल से कम उम्र के बच्चे का सामान्य पासपोर्ट 5 साल के लिए बनेगा, लेकिन बच्चा 18 साल का होने पर उससे पहले ही उसकी वैधता खत्म हो जाएगी।

