20 जुलाई 2026 को सेंट्रल दिल्ली में हुए प्रदर्शन के दौरान एक प्रदर्शनकारी को गोली लगने की खबर सोशल मीडिया पर तेजी से फैली थी। लेकिन अब सामने आई MLC (मेडिको-लीगल केस) रिपोर्ट में इस दावे को गलत बताया गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदर्शनकारी के दाहिने कान के पास एक फटा हुआ घाव मिला था। डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि यह ब्लंट इंजरी, यानी किसी कठोर चीज से लगी चोट है। मेडिकल रिपोर्ट में साफ लिखा गया है कि घाव गोली लगने से नहीं हुआ है। इसे सामान्य (सिंपल) चोट माना गया है। इस रिपोर्ट के बाद सोशल मीडिया पर गोली लगने के वायरल दावों को आधारहीन बताया जा रहा है।
प्रशासन और स्वास्थ्य अधिकारियों ने लोगों से अपील की
प्रशासन और स्वास्थ्य अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संवेदनशील खबर को सोशल मीडिया पर शेयर करने से पहले उसकी आधिकारिक पुष्टि जरूर करें। उन्होंने कहा कि गलत या भ्रामक जानकारी फैलाने से लोगों में भ्रम पैदा होता है और कानून-व्यवस्था भी प्रभावित हो सकती है। फिलहाल, पुलिस प्रदर्शन के दौरान हुई पूरी घटना की जांच कर रही है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, प्रदर्शन शांतिपूर्ण शुरू हुआ था, लेकिन कुछ हिस्सों में हल्की झड़प हुई थी। घायल व्यक्ति को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया जहां उसकी प्राथमिक चिकित्सा की गई। स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया, “MLC रिपोर्ट सबसे विश्वसनीय दस्तावेज है। इसमें घाव की प्रकृति, कारण और गंभीरता स्पष्ट रूप से दर्ज होती है। इस मामले में गोली या फायरआर्म इंजरी के कोई लक्षण नहीं पाए गए।”
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर #DelhiProtest और #GunshotDelhi जैसे हैशटैग्स के साथ कई वीडियो और पोस्ट वायरल हुए थे, जिनमें दावा किया जा रहा था कि प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने गोली चलाई।

हालांकि, अब तक किसी भी स्वतंत्र स्रोत या आधिकारिक बयान ने इन दावों की पुष्टि नहीं की है।विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे समय में जब देश में विभिन्न मुद्दों पर प्रदर्शन हो रहे हैं, फेक न्यूज और अफवाहों का नियंत्रण जरूरी है। दिल्ली पुलिस ने लोगों से आग्रह किया है कि वे केवल पुष्ट सूचनाओं पर भरोसा करें और अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

