औद्योगिक नगरी के रूप में बसाए गए नोएडा को स्थापना के 50 साल बाद आखिरकार देश के नक्शे पर सीधे गंतव्य के रूप में पहचान मिल गई है। यह वही नोएडा है जो वर्षों से रेलवे के मानचित्र पर अपनी जगह बनाने के लिए जद्दोजहद कर रहा है। अब नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से विमान सेवा शुरू होने के बाद यह देश के बड़े-बड़े शहरों से जुड़ रहा है। इससे पहले दूसरे शहरों से नोएडा आने के लिए लोगों को या तो सड़क मार्ग का प्रयोग करना पड़ता था या फिर ट्रेन के जरिये दिल्ली या गाजियाबाद स्टेशन पर उतरना पड़ता था। हवाई मार्ग से आने वालों को दिल्ली और साहिबाबाद स्थित हिंडन एयरपोर्ट उतरना पड़ता था, लेकिन अब नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शुरू होने के साथ ही आधी सदी बाद ही सही, नोएडा को एक अलग पहचान मिल गई है।
हवाई मार्ग ने दिलाई पहचान
1976 में बसाए गए नोएडा में 50 साल में रेलवे स्टेशन नहीं बन सका। यहां ग्रामीण क्षेत्र में दादरी व दनकौर जैसे स्टेशन अवश्य हैं, लेकिन दूसरे शहर से नोएडा-ग्रेटर नोएडा आने वालों को गाजियाबाद और नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर उतरकर ही यहां आना पड़ता था। व्यापार, नौकरी या इलाज के लिए दूसरे शहरों से ट्रेन से आने वाले लोग भी पहले दिल्ली उतरते थे, फिर टैक्सी या मेट्रो से नोएडा पहुंचते थे, लेकिन अब एयरपोर्ट ने यह दूरी खत्म कर दी है।
एयरपोर्ट शुरू होने के पहले ही दिन से नोएडा विमान सेवा से लखनऊ, मुंबई, बेंगलुरु और अमृतसर से जुड़ गया है और अगले 15 दिन में यहां से जम्मू, चेन्नई, कोलकाता, अहमदाबाद, पुणे, जयपुर, वाराणसी समेत 25 से अधिक शहरों के लिए सीधी उड़ानें शुरू हो जाएंगी।
दुनिया से भी जुड़ जाएगा नोएडा
एयरपोर्ट अथॉरिटी का दावा है कि अगले छह महीने में यहां से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें भी शुरू हो जाएंगी। इसके बाद नोएडा सीधे दुबई, सिंगापुर, बैंकाक, लंदन जैसे दुनिया के बड़े शहरों से जुड़ जाएगा। अभी एनसीआर के लोगों को विदेश जाने के लिए दिल्ली एयरपोर्ट पर निर्भर रहना पड़ता है।

