नेपाल में बाढ़ के बाद 275 भारतीय अब भी लापता, 166 लोगों को सुरक्षित बचाया गया

नेपाल में बाढ़ के बाद 275 भारतीय अब भी लापता, 166 लोगों को सुरक्षित बचाया गया

नेपाल में पिछले महीने आई भीषण फ्लैश फ्लड के बाद अब भी कई भारतीय परिवार अपने परिजनों की खबर का इंतजार कर रहे हैं। भारत के विदेश मंत्रालय के मुताबिक, नेपाल में 275 भारतीय नागरिक अभी भी लापता हैं।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि लापता भारतीयों की तलाश और उनकी जानकारी जुटाने के लिए भारत सरकार नेपाल की स्थानीय एजेंसियों के लगातार संपर्क में है। इसके साथ ही उन भारतीय राज्यों की सरकारों से भी जानकारी ली जा रही है, जिनके लोग नेपाल गए थे।

166 भारतीयों को सुरक्षित बचाया गया

रणधीर जायसवाल ने बताया कि आपदा प्रभावित इलाकों से अब तक 166 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। सभी लोग अपने घर वापस लौट चुके हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि चीन के रास्ते 1,907 भारतीय नेपाल पहुंचे थे और अब चीन में कोई भी भारतीय नागरिक नहीं बचा है।

चीन की ओर से 49 भारतीयों के लापता होने की जानकारी दी गई थी। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, ये सभी 49 लोग भारत की ओर से जारी 275 लापता भारतीयों की सूची में शामिल हैं।

नेपाल में 1,287 लोगों की मौत

नेपाल सरकार की एजेंसी एनडीआरआरएमए के ताजा आंकड़ों के अनुसार, बाढ़ और आपदा में अब तक 1,287 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। करीब 5,083 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं।

लापता लोगों में करीब 583 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। सबसे ज्यादा शव चितवन, नवलपरासी, नुवाकोट और रसुवा जिलों से बरामद किए गए हैं।

फिलहाल नेपाल में बचाव और राहत अभियान जारी है। सुरक्षा एजेंसियां प्रभावित इलाकों में लोगों की तलाश कर रही हैं और हजारों लोगों को अब तक सुरक्षित निकाला जा चुका है।

भारत लगातार कर रहा नेपाल की मदद

भारत नेपाल में राहत और बचाव कार्यों में लगातार मदद कर रहा है। भारत की ओर से राहत सामग्री, मेडिकल सहायता और विशेष बचाव टीमें नेपाल भेजी जा रही हैं।

काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास भी लापता भारतीयों की तलाश और उनकी पहचान से जुड़े काम में स्थानीय अधिकारियों के साथ सहयोग कर रहा है।

जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर रणधीर जायसवाल ने कहा कि यह पूरी दुनिया के लिए एक बड़ी चुनौती है और इससे निपटने के लिए सभी देशों को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि विकसित देशों ने ऐतिहासिक रूप से अधिक प्रदूषण किया है, इसलिए उन्हें उत्सर्जन कम करने की कोशिशों में नेतृत्व करना चाहिए।

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