नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद कई इलाकों में भारी तबाही हुई है। इसके बाद भारत और नेपाल की संयुक्त तकनीकी और रेस्क्यू टीमें लगातार राहत और बचाव अभियान चला रही हैं। इसी बीच नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने चिलिमे सुरंग में चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन की जानकारी दी है।
उन्होंने बताया कि सुरंग तक पहुंचने में कई मुश्किलें आ रही हैं। रास्ते में कीचड़ और भारी मलबा है और कई जगह पहुंचना आसान नहीं है। इसके बावजूद भारत और नेपाल की टीमें लगातार सुरंग के अंदर आगे बढ़ने की कोशिश कर रही हैं।
सुरंग तक पहुंचने के लिए बनाई जा रही अस्थायी सड़क
भारतीय राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने न्यूज एजेंसी IANS से बातचीत में बताया कि रेस्क्यू टीमों की मदद के लिए स्याफ्रुबेसी से सुरंग तक रस्सी के जरिए संपर्क बनाने का काम शुरू किया गया है।
इसके साथ ही सुरंग तक पहुंचने के लिए एक अस्थायी सड़क भी बनाई जा रही है। इससे रेस्क्यू टीमों को अंदर जाने और जरूरी सामान पहुंचाने में आसानी होगी।
उन्होंने बताया कि अब तक करीब 950 मीटर लंबे रास्ते से मलबा हटाया जा चुका है।
नाव और रस्सी की मदद से रेस्क्यू
IANS की ओर से जारी तस्वीरों और वीडियो में भारत और नेपाल की संयुक्त टीमें चिलिमे सुरंग में बचाव अभियान चलाती दिखाई दे रही हैं।
कुछ तस्वीरों में रेस्क्यू टीम के सदस्य नावों की मदद से सुरंग की ओर जाते नजर आ रहे हैं। वहीं, एक वीडियो में सुरक्षा बल का जवान रस्सी के सहारे भारी मलबे के बीच से नीचे नदी की ओर जाता दिखाई दे रहा है।
13 हजार से ज्यादा लोगों को बचाया गया
नेपाल में 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ के बाद से बड़े स्तर पर राहत और बचाव अभियान चलाया जा रहा है। अब तक रेस्क्यू टीमों ने 13,100 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है।
हालांकि, स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है। नेपाल पुलिस के मुताबिक, अब तक 1,344 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 5,000 से ज्यादा लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।
भारत और नेपाल की टीमें प्रभावित इलाकों में लगातार खोज और बचाव अभियान चला रही हैं।

