नेपाल में बादल फटने और अचानक आई बाढ़ के बाद भारत-नेपाल सीमा से सटे उत्तर प्रदेश और बिहार के इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है. नेपाल से आने वाली नदियों का जलस्तर बढ़ने के कारण सीमावर्ती जिलों में प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है.
महराजगंज में बढ़ा गंडक नदी का जलस्तर
उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले में गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद निचलौल के शिकारपुर भोथहा गांव और आसपास के इलाकों में लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है.
प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे जरूरी सामान और पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था पहले से कर लें. साथ ही संभावित बाढ़ को देखते हुए प्रभावित इलाकों पर लगातार नजर रखी जा रही है.
यूपी-बिहार में राहत और बचाव की तैयारी तेज
नेपाल में अचानक आई बाढ़ के बाद यूपी और बिहार में राहत-बचाव की तैयारियां बढ़ा दी गई हैं. बिहार में NDRF की 10 टीमें तैनात की गई हैं. वहीं उत्तर प्रदेश में भारत-नेपाल सीमा के आसपास भी NDRF की 10 टीमें तैनात की गई हैं.
इसके अलावा करीब आधा दर्जन अतिरिक्त टीमों को संभावित रूप से प्रभावित इलाकों में भेजने की तैयारी की जा रही है, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत राहत और बचाव का काम शुरू किया जा सके.
SSB की 11 टीमें अलर्ट
भारत-नेपाल सीमा की सुरक्षा में तैनात SSB की 11 RRT (रैपिड रिस्पॉन्स टीम) टीमों को भी अलर्ट कर दिया गया है. इसके अलावा 7 अतिरिक्त टीमों को स्टैंडबाय पर रखा गया है.
ये टीमें राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर काम करेंगी. किसी भी आपात स्थिति में लोगों को सुरक्षित निकालने और राहत पहुंचाने के लिए इन्हें तैयार रखा गया है.
कई नदियों के आसपास निगरानी बढ़ाई गई
नेपाल में भारी बारिश और अचानक बाढ़ की स्थिति को देखते हुए कोसी और नारायणी नदी बेसिन में पानी का बहाव बढ़ने की आशंका है. नेपाल की छोटी नदियों में भी अचानक बाढ़ आने की संभावना को देखते हुए निगरानी बढ़ा दी गई है. उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में घाघरा-करनाली और महाकाली नदी के आसपास के संवेदनशील इलाकों पर भी नजर रखी जा रही है.
भारत-नेपाल सीमा पर तैनात SSB की बटालियनों को लगातार स्थिति पर नजर रखने और स्थानीय प्रशासन के साथ संपर्क बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं. फिलहाल प्रशासन और राहत एजेंसियां किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं और लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है.

