उत्तरप्रदेश (UP): मूल रूप से यूपी के रहने वाले पूर्व NSG कमांडो और सोशल मीडिया पर सक्रिय लकी बिष्ट एक बार फिर अपने एक ट्वीट को लेकर चर्चा में हैं। इस बार उन्होंने नेपाल में संभावित तुर्की दूतावास को लेकर गंभीर और विवादित दावे किए हैं। उनके बयान के बाद सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं ।
नेपाल जैसे रणनीतिक रूप से संवेदनशील देश में किसी भी नए विदेशी दूतावास की मौजूदगी क्षेत्रीय राजनीति और सुरक्षा के नजरिए से देखी जा रही है। इसी संदर्भ में लकी बिष्ट का यह दावा सामने आया है, जिसमें उन्होंने इसे केवल कूटनीतिक कदम न मानकर इसके पीछे “छुपे हुए एजेंडे” की आशंका जताई है। “नेपाल के अंदर एंबेसी के आड़ में बहुत बड़ा खेल शुरू होने वाला है। अगर तुर्की की एंबेसी नेपाल में खुलती है, तो यह सिर्फ कूटनीति नहीं होगी यह धार्मिक कट्टरता को बढ़ावा देने का दरवाजा होगा। इतिहास गवाह है कि तुर्की ने उन संगठनों को समर्थन दिया है जो समाज में विभाजन और हिंसा फैलाते हैं। तुर्की ने ही इस्माइल हानिया को वीआईपी पासपोर्ट दिए, जब ISIS अपने चरम पर था तुर्की ने जिहादी रास्ते खोले , और सीरिया को बर्बाद करने में भी इसकी भूमिका रही है। अगर आज नेपाल में यह तुर्की एंबेसी खुलती है, तो इसके पीछे छुपे एजेंडे को समझना जरूरी है यह सीधा हमला होगा नेपाल की पहचान, उसकी संस्कृति और उसके अस्तित्व पर।”
NEWSANP के लिए ब्यूरो रिपोर्ट

