बिहार(BIHAR): राजधानी पटना में Samrat Choudhary ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इससे पहले राज्य में राजनीतिक घटनाक्रम तेजी से बदला, जब Nitish Kumar ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया।
इस्तीफे से पहले नीतीश कुमार ने मंत्रिमंडल की अंतिम बैठक में सरकार भंग करने की प्रक्रिया पूरी की और बाद में राजभवन पहुंचकर राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपा। उन्होंने अपने कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि 2005 के बाद बिहार में कानून का राज स्थापित हुआ और सभी वर्गों के विकास के लिए काम किया गया।
इस्तीफे के बाद नीतीश कुमार ने नई सरकार को सहयोग देने का भरोसा भी जताया।
अब बात करते हैं नए मुख्यमंत्री Samrat Choudhary के राजनीतिक सफर की।
सम्राट चौधरी का शुरुआती राजनीतिक जीवन Rashtriya Janata Dal से शुरू हुआ। उनके पिता Shakuni Choudhary को लालू प्रसाद यादव के करीबी नेताओं में माना जाता था।
1990 के दशक में उन्होंने राजनीति में कदम रखा और 1999 में राबड़ी देवी सरकार में कृषि मंत्री भी बने। वे 2000 और 2010 में परबत्ता विधानसभा सीट से विधायक चुने गए और लंबे समय तक आरजेडी में सक्रिय रहे।
2005 के बाद उन्होंने विपक्ष में रहते हुए विधानसभा में अहम भूमिकाएं निभाईं और बाद में 2014 में Janata Dal United का दामन थामा। हालांकि, कुछ समय बाद उन्होंने जेडीयू छोड़कर Bharatiya Janata Party में प्रवेश किया।
बीजेपी में आने के बाद उन्हें राज्य संगठन में अहम जिम्मेदारियां मिलीं और 2020 में एनडीए सरकार में मंत्री बने। बाद में 2023 में वे बिहार बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष भी बने।
अब मुख्यमंत्री पद तक पहुंचकर सम्राट चौधरी ने अपने लंबे और उतार-चढ़ाव भरे राजनीतिक सफर का नया अध्याय शुरू किया है।
फिलहाल सभी की नजरें नई सरकार और उसके आगामी फैसलों पर टिकी हैं।
NEWSANP के लिए बिहार से ब्यूरो रिपोर्ट

