
जामताड़ा(JAMTADA): भारतीय जनता पार्टी के जिला कार्यालय में महिला मोर्चा की ओर से “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” को लेकर एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता आयोजित की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष पुष्पा सोरेन ने की, जबकि मुख्य वक्ता के रूप में प्रदेश मंत्री श्रीमती शालिनी बैसखियार मौजूद रहीं। इस दौरान महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण और भागीदारी को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
प्रदेश मंत्री शालिनी बैसखियार ने प्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि सितंबर 2023 में संसद में पारित “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” अब एक ऐतिहासिक कानून के रूप में लागू होने जा रहा है। उन्होंने इसे देश की करोड़ों महिलाओं—माताओं, बहनों और बेटियों—के अधिकार, सम्मान और भागीदारी को सुनिश्चित करने वाला ऐतिहासिक कदम बताया।
उन्होंने कहा कि वर्षों से महिलाओं को राजनीति में समान भागीदारी देने की बातें तो होती रहीं, लेकिन ठोस पहल नहीं हुई। पहली बार केंद्र सरकार ने निर्णायक कदम उठाते हुए संसद और विधानसभा में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करने का मार्ग प्रशस्त किया है। इससे अब गांव, शहर और राज्यों की महिलाएं सीधे नीति-निर्माण में भाग ले सकेंगी।
शालिनी बैसखियार ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग इस ऐतिहासिक निर्णय पर राजनीति कर रहे हैं, वे कभी भी महिलाओं के मुद्दों को लेकर गंभीर नहीं रहे। उन्होंने कहा कि यह समय राजनीति का नहीं, बल्कि नारी सम्मान और राष्ट्र निर्माण का है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में महिलाओं के लिए कई योजनाएं लागू की गई हैं, जिससे देशभर की महिलाओं को लाभ मिल रहा है।
जामताड़ा नगर पंचायत अध्यक्ष आशा गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री का सपना देश की आधी आबादी को मजबूत बनाना है। “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” उसी दिशा में एक बड़ा कदम है, जिससे महिलाएं संसद और विधानसभा में 33 प्रतिशत भागीदारी के साथ देश के विकास में अपनी अहम भूमिका निभाएंगी। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से महिलाओं की सामाजिक और राजनीतिक भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
वहीं मिहिजाम नगर परिषद अध्यक्ष श्रीमती जयश्री देवी ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में महिलाओं को लगातार सम्मान और अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि विभिन्न योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को सशक्त बनाने का कार्य किया गया है और “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” इस दूरदर्शी सोच का प्रमाण है।
कार्यक्रम में जिला उपाध्यक्ष सुजाता सिंह, जिला मंत्री आभा आर्या, संजू देवी, सोनम प्रकाश, ज्योति देवी और मीनू देवी सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहीं।
संदेश:
इस प्रेस वार्ता के माध्यम से स्पष्ट हुआ कि “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” केवल एक कानून नहीं, बल्कि महिलाओं के सशक्तिकरण और लोकतंत्र में उनकी भागीदारी को नई दिशा देने वाला एक ऐतिहासिक कदम है।
NEWSANP के लिए आर पी सिंह की रिपोर्ट

