धनबाद(DHANBAD): केंदुआडीह कोलियरी की राजपूत बस्ती में 3 दिसंबर को हुए गैस रिसाव हादसे में दो महिलाओं की मौत और कई लोगों के बीमार होने के बाद से इलाके में हड़कंप मचा हुआ है। इस गंभीर घटना का असर अब धनबाद–बोकारो मुख्य मार्ग पर भी देखने को मिल रहा है, जो केंदुआ क्षेत्र के पास खतरे की जद में आ गया है।
जानकारी के अनुसार, इस सड़क के नीचे भूमिगत खदान से कोयला निकासी की गई थी, लेकिन कोयला निकालने के बाद बालू भराई सही तरीके से नहीं की गई। विशेषज्ञों का कहना है कि खदान में अब भी बड़ी मात्रा में जहरीली गैस मौजूद है, जो न केवल आसपास के इलाकों बल्कि सड़क की सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा बन चुकी है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कोयला मंत्रालय ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को हालात से अवगत कराया है। भारत सरकार के निर्देश पर एनएचएआई को सड़क की स्थिति का विस्तृत अध्ययन करने को कहा गया है। वहीं जिला प्रशासन भी लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है।
धनबाद के उपायुक्त आदित्य रंजन ने बताया कि गैस रिसाव की स्थिति अभी जस की तस बनी हुई है और प्रभावित क्षेत्र से लोगों को हटने की सलाह दी गई है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।
इधर, धनबाद पथ प्रमंडल विभाग भी इस मार्ग के विकल्प तलाशने में जुट गया है। कार्यपालक अभियंता मिथिलेश प्रसाद, एसडीओ पंकज कुमार और कनीय अभियंता अनिल कुमार ने सड़क को डायवर्ट करने के संभावित विकल्पों पर होमवर्क शुरू कर दिया है। कपुरिया से सीधे आठ लेन सड़क बनाने, या केंदुआ से पहले लोयाबाद–सिजुआ के पास से मार्ग मोड़ने जैसे कई प्रस्तावों पर मंथन चल रहा है।
केंदुआडीह के हालात से केंद्रीय कोयला मंत्री जी. किशन रेड्डी और प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को भी लगातार अद्यतन रिपोर्ट भेजी जा रही है। दो दिन पहले कोयला मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव सनोज कुमार झा ने क्षेत्र का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया और कोयला सचिव विक्रम देव दत्त को पूरी जानकारी दी।
NEWSANP के लिए ब्यूरो रिपोर्ट

