झारखंड पेपर लीक विवाद: छात्रों के समर्थन में बोले खरगे, बाबूलाल मरांडी ने राहुल गांधी और सरकार पर उठाए सवाल

झारखंड पेपर लीक विवाद: छात्रों के समर्थन में बोले खरगे, बाबूलाल मरांडी ने राहुल गांधी और सरकार पर उठाए सवाल

झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और पेपर लीक को लेकर छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी है। इस बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि उनकी पार्टी छात्रों के साथ खड़ी है।

खरगे ने कहा कि चाहे छात्र झारखंड, पंजाब या किसी भी राज्य के हों, कांग्रेस हमेशा उनके अधिकारों के लिए आवाज उठाती रही है। उन्होंने बताया कि पार्टी ने इस मामले में पत्र लिखकर पूछा है कि परीक्षा में गड़बड़ी कहां हुई। उनका कहना है कि जहां भी परीक्षा में धांधली होगी, कांग्रेस उस मुद्दे को उठाएगी।

बीजेपी ने राहुल गांधी पर साधा निशाना

वहीं, बीजेपी के वरिष्ठ नेता और झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी NEET पेपर लीक पर तो लगातार बोलते हैं, लेकिन झारखंड के मामले में चुप हैं, जबकि राज्य सरकार में कांग्रेस भी शामिल है। मरांडी ने मांग की कि कांग्रेस को इस मुद्दे पर राज्य सरकार से अपना समर्थन वापस लेना चाहिए।

सीबीआई जांच और इस्तीफे की मांग

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि हेमंत सोरेन सरकार के कार्यकाल में हुई सभी प्रतियोगी परीक्षाओं की सीबीआई जांच कराई जानी चाहिए। उनका आरोप है कि कई परीक्षाओं में धांधली हुई और पैसों के बदले सरकारी नौकरियां दी गईं।

उन्होंने कहा कि चूंकि हेमंत सोरेन मुख्यमंत्री होने के साथ शिक्षा और कार्मिक विभाग भी संभाल रहे हैं, इसलिए उन्हें नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना चाहिए।

बाबूलाल मरांडी की मांग

बाबूलाल मरांडी ने झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के सभी सदस्यों को बर्खास्त कर नई नियुक्तियां करने की मांग भी की. उनका कहना है कि JPSC, JSSC CGL और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कराई जानी चाहिए. उनके अनुसार, तभी पूरे मामले में शामिल बड़े लोगों तक पहुंचा जा सकेगा.

बाबूलाल मरांडी ने क्या आरोप लगाया?

बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार सीआईडी जांच के नाम पर केवल मामले को दबाने की कोशिश कर रही है. उनका कहना है कि सरकार सीबीआई और ईडी जांच से डर रही है, इसलिए केंद्रीय एजेंसियों से जांच नहीं कराई जा रही.

बाबूलाल मरांडी ने यह भी कहा कि सरकार और प्रदर्शन कर रहे छात्रों के प्रतिनिधियों के बीच गंभीर और सार्थक बातचीत होनी चाहिए. उन्होंने मांग की कि सरकार छात्रों की बात सुने और उनकी समस्याओं का समाधान निकाले.

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