झारखंड छात्र आंदोलन को मिला सोनम वांगचुक का समर्थन, विधानसभा घेराव की तैयारी तेज

झारखंड छात्र आंदोलन को मिला सोनम वांगचुक का समर्थन, विधानसभा घेराव की तैयारी तेज

झारखंड में JPSC और JSSC में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। प्रदर्शन के 12वें दिन छात्रों को सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का समर्थन मिला है। इसकी जानकारी आंदोलन का नेतृत्व कर रहे देवेंद्र नाथ महतो ने दी।

छात्रों का कहना है कि वे सोनम वांगचुक के विचारों से प्रेरित हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार जल्द उनकी मांगें नहीं मानती, तो सभी छात्र भूख हड़ताल पर बैठेंगे।

विधानसभा घेराव की तैयारी

छात्रों ने बताया कि 7 अगस्त को विधानसभा घेराव की तैयारी चल रही है। उनका कहना है कि सोनम वांगचुक से बातचीत हुई है और जल्द ही वीडियो कॉल के जरिए भी चर्चा होगी।

आंदोलन रहेगा जारी

प्रदर्शन कर रहे छात्र जीवन कुमार ने कहा कि आंदोलन का 12वां दिन है और पांच छात्र पहले से ही भूख हड़ताल पर हैं। उन्होंने बताया कि आंदोलन को लेकर ‘तिरंगा मार्च’ पर भी विचार किया जा रहा है।

छात्रों का कहना है कि 10 अगस्त, जब विधानसभा का सत्र चलेगा, उस दिन पूरे झारखंड से लोग रांची पहुंचकर विधानसभा का घेराव करेंगे। उनका कहना है कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

क्या है पूरा मामला?

बता दें झारखंड में 14वीं जेपीएससी (JPSC) परीक्षा को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज हो रहा है. प्रदर्शनकारी छात्रों की मांग है कि 14वीं जेपीएससी परीक्षा, जेएसएससी (JSSC) सीजीएल परीक्षा और अन्य भर्ती परीक्षाओं में हुई कथित अनियमितताओं की जांच सीबीआई और ईडी से कराई जाए. उनका कहना है कि जब तक भर्ती प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित नहीं होती, तब तक 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा को रद्द किया जाए. छात्रों का आरोप है कि 300 में से 299 अंक लाने वाली एक अभ्यर्थी का चयन नहीं हुआ, जबकि कुछ अभ्यर्थियों ने 100 में से केवल 48 प्रश्न हल किए, फिर भी उनका चयन हो गया.

आंदोलनकारी टीडीपीएल (मेसर्स टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड) की भूमिका पर भी सवाल उठा रहे हैं. उनका दावा है कि यह परीक्षा संचालन एजेंसी अन्य राज्यों में ब्लैकलिस्ट होने के बावजूद झारखंड में परीक्षाएं कराती रही और ओएमआर शीट से जुड़ी कथित गड़बड़ियों के कारण पहले से ही सीआईडी जांच के दायरे में है. छात्रों ने मुख्यमंत्री के हालिया बयान को भी निराशाजनक बताते हुए कहा कि सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता नहीं दिखा रही है. उल्लेखनीय है कि कथित अनियमितताओं और सीआईडी जांच के बीच झारखंड लोक सेवा आयोग ने 25 से 27 जुलाई 2026 तक प्रस्तावित 14वीं संयुक्त सिविल सेवा मुख्य परीक्षा समेत कुल नौ परीक्षाओं को अगले आदेश तक स्थगित कर दिया है.

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