झारखंड(JHARKHAND): झारखंड की तपती गर्मी के बीच गुरुवार को बिजली व्यवस्था से जुड़ी एक ऐसी खबर आई, जिसने लाखों लोगों को राहत की उम्मीद दे दी। राज्य की ऊर्जा व्यवस्था को नई ताकत देते हुये 220 केवी दुमका–गोविंदपुर ट्रांसमिशन लाइन के एक सर्किट का LILO चार्जिंग कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया। इस उपलब्धि के साथ अब Jharkhand Urja Sancharan Nigam Limited यानी JUSNL, North Karanpura Transmission Limited से करीब 450 मेगावाट तक बिजली प्राप्त करने में सक्षम हो गया है। पिछले कुछ महीनों से दुमका, धनबाद और बोकारो समेत कई इलाकों में बिजली कटौती और लोड शेडिंग लोगों के लिये बड़ी परेशानी बनी हुई थी। उमस भरी गर्मी में घंटों बिजली गायब रहने से आम लोग परेशान थे। अब नई ट्रांसमिशन लाइन शुरू होने के बाद हालात सुधरने की उम्मीद बढ़ गई है।
इन जिलों को लोड शेडिंग से मिलेगा सुकून
अधिकारियों के मुताबिक फिलहाल दुमका क्षेत्र को करीब 103 मेगावाट, गोविंदपुर ग्रिड सबस्टेशन को लगभग 80 मेगावाट बिजली मिलने लगी है। जैसे-जैसे लाइन पूरी क्षमता से चलेगी, राज्य की बिजली आपूर्ति और मजबूत होती जायेगी। इस परियोजना का लाभ दुमका, साहिबगंज, पाकुड़, देवघर, गिरिडीह, धनबाद और बोकारो जैसे कई जिलों को इसका सीधा मिलेगा। वहीं गोविंदपुर, चंदनकियारी, जैनामोड़, महारो, लालमटिया, अमड़ापाड़ा, जसीडीह, बरहेट और सरिया सहित कई ग्रिड सबस्टेशनों को अब ज्यादा स्थिर और निर्बाध बिजली मिल सकेगी। भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते पीक लोड के बीच यह ट्रांसमिशन लाइन राज्य के लिये “ऑक्सीजन लाइन” की तरह मानी जा रही है। बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इससे ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में सप्लाई बेहतर होगी।
बार-बार नहीं होगी बिजली गुल
अब लोगों को उम्मीद है कि रात में बार-बार बिजली गुल होने की समस्या कम होगी। इस उपलब्धि का श्रेय JUSNL के इंजीनियरों, अधिकारियों और साइट टीमों को दिया जा रहा है। लगातार मेहनत और तकनीकी समन्वय के बाद इस परियोजना को सफलतापूर्वक चालू किया गया। ऊर्जा विभाग के गलियारों में इसे झारखंड की बिजली व्यवस्था के लिये “गेम चेंजर” माना जा रहा है।
NEWSANP के लिए ब्यूरो रिपोर्ट

