पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बुरे दौर शुरू हो गए। पार्टी के नेता खुलकर ममता बनर्जी के विरोध में आ गए। पहले विधायकों ने फिर सांसदों ने बगावत कर दी। इसके बाद बागी गुट में उन नेताओं के नाम जुड़ते चले गए जो कभी ममता बनर्जी के करीबियों में शुमार रहे। इनमें से एक नाम TMC सांसद सयानी घोष का है। चुनाव के दौरान अपने तीखे बयानों से सुर्खियों में रहने वाली सयानी घोष पिछले कुछ दिनों से गायब थीं, लेकिन अब वो गुपचुप तरीके से कोलकाता वापस लौट आई हैं।
छिपते-छिपाते कोलकाता लौटीं सयानी
सयानी घोष दिल्ली से फ्लाइट पकड़कर कोलकाता एयरपोर्ट पहुंचीं। एयरपोर्ट पर वे इस तरह आई थीं कि कोई उन्हें पहचान न सके। उन्होंने सिर पर टोपी लगा रखी थी। मुंह पर मास्क लगाया हुआ था। आंखों पर काला चश्मा पहन रखा था। वे एयरपोर्ट से बिना किसी से बात किए, तेज कदमों से बाहर निकलीं और तुरंत अपनी गाड़ी में बैठकर रवाना हो गईं। खबरों के मुताबिक, कोलकाता आने से पहले वे दिल्ली में टीएमसी के बागी नेताओं की एक बैठक में शामिल हुई थीं।
कल्याण बनर्जी ने भी खोला अभिषेक के खिलाफ मोर्चा
सयानी घोष के अलावा ममता बनर्जी के एक और बेहद करीबी सांसद कल्याण बनर्जी ने भी पार्टी के खिलाफ खुलकर बयान दे दिया है। उन्होंने ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी पर सीधे सवाल उठाए हैं। कल्याण बनर्जी ने ममता बनर्जी को साफ शब्दों में कहा है, “या तो हमें चुनिए या फिर अभिषेक बनर्जी को।”
शत्रुघ्न सिन्हा ने दिया ममता बनर्जी का साथ
वहीं, बागी सांसदों की गुट में शत्रुघ्न सिन्हा का भी नाम था। हालांकि, उन्होंने अब चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि वह इस दुख की घड़ी में ममता बनर्जी के साथ रहेंगे। वह बागी सांसदों की लिस्ट में शामिल नहीं हैं। शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि दीदी ने मुसीबत के समय मेरा साथ दिया है और मैं उनका साथ नहीं छोड़ूंगा। शत्रुघ्न सिन्हा आसनसोल लोकसभा सीट से सांसद हैं। उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव में टीएमसी के टिकट पर आसनसोल से जीत दर्ज की थी। वर्तमान में अभी आसनसोल से टीएमसी के सांसद हैं।

