आसनसोल नगर निगम के डामड़ा इलाके में जितेंद्र तिवारी के मेयर रहते हुए गरीबों के लिए घर और बीएसयूपी आवास बनाए गए थे। आसनसोल नगर निगम के पास साढ़े सात हजार रुपये देकर घर लेना होता था। लेकिन बाद में उन क्वार्टरों में जालसाजी शुरू हो गई। जिन उपभोक्ताओं के नाम पर आवास मंजूर हुआ था, उन्हें न देकर मोटी रकम के बदले दूसरे लोगों को घर आवंटित कर दिए गए।
लंबे समय से यह शिकायत आ रही थी, लेकिन आसनसोल नगर निगम की तरफ से कोई कदम नहीं उठाया गया। आखिरकार सत्ता बदलने के बाद भाजपा के दक्षिण मंडल के सचिव अपूर्व राय ने बताया कि उनके पास लंबे समय से शिकायतें आ रही थीं कि आवासों को मोटी रकम लेकर बेचा जाता है। खाली आवासों में शराब की महफिल और नेट सर्फिंग जैसे अवैध काम होते हैं। आज सुबह सब मिलकर छापा मारने पर नगर निगम की एक रिज़ॉल्यूशन खाता बरामद हुआ, जो आम लोगों के पास किसी भी हालत में नहीं होना चाहिए। जिन आवासों का आवंटन हुआ है, उनके आवंटन पर्ची पर व्हाइटनर लगाकर दूसरे लोगों के नाम लिखे गए हैं। जिनसे 20 से 21 हजार रुपये लिए गए हैं। इसके साथ नगर निगम के एक व्यक्ति का नाम सामने आ रहा है। पुलिस-प्रशासन को सारी जानकारी दे दी गई है। भाजपा स्वस्थ सामाजिक व्यवस्था चाहती है।
आसनसोल नगर निगम के मेयर विधान उपाध्याय ने बताया कि डामड़ा इलाके में गरीब लोगों के लिए बीएसयूपी आवास बनाए गए थे। अगर कोई इनको लेकर कारोबार करने की शिकायत आती है तो नगर निगम की तरफ से जांच की जाएगी।
“न्यूज़ ANP के लिए पश्चिम बंगाल से अतीकुर रहमान की रिपोर्ट”

