पटना सिटी: गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने का असर अब स्कूलों पर भी दिखाई देने लगा है। पटना सिटी के मालसलामी थाना क्षेत्र में अदरक घाट के पास स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय सुकुमारपुर के चारों तरफ गंगा का पानी पहुंच गया है। हालात को देखते हुए गुरुवार को स्कूल को अगले आदेश तक बंद कर दिया गया।
यह स्कूल वैशाली जिले के राघोपुर अंचल के अंतर्गत आता है, लेकिन स्थित पटना जिले में है। करीब डेढ़ दशक पहले गंगा के कटाव के कारण यह स्कूल वैशाली जिले से भौगोलिक रूप से अलग हो गया था।
स्कूल के भूतल में भरा कई फीट पानी
गंगा का जलस्तर बढ़ने के बाद स्कूल के करीब 6 से 8 फीट गहरे खुले भूतल में पानी भर गया है। यहां बारिश का पानी पहले से जमा था, जो अब सड़कर काला पड़ गया है।
स्कूल में कक्षा एक से आठवीं तक 400 से ज्यादा छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं। जमा और गंदे पानी के कारण बच्चों, अभिभावकों और शिक्षकों को डेंगू समेत दूसरी बीमारियों और संक्रमण फैलने का डर सता रहा है।
स्कूल की प्रभारी प्रधानाध्यापक रेखा कुमारी के मुताबिक, यहां कुल 13 शिक्षक कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि लगभग हर साल गंगा का जलस्तर बढ़ने पर स्कूल के भूतल में पानी भर जाता है। बारिश का पानी लंबे समय तक जमा रहने से वह सड़ने लगता है।
बांस की सीढ़ियों से कक्षाओं तक जाते थे बच्चे
स्कूल में पानी भरने की समस्या नई नहीं है। साल 2024 में भी यहां ऐसे ही हालात बने थे। उस समय निचली कक्षाएं बंद करनी पड़ी थीं और बच्चों को पहली मंजिल पर बने कमरों में पढ़ाया जा रहा था।
हालात इतने खराब थे कि बच्चों को ऊपर की कक्षाओं तक पहुंचने के लिए बांस की खतरनाक सीढ़ियों का इस्तेमाल करना पड़ता था।
मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने स्कूल का निरीक्षण किया था। बाद में बच्चों और शिक्षकों की सुरक्षा के लिए बाहर लोहे की सीढ़ी लगाई गई। जमा पानी निकालने के लिए पटना नगर निगम ने तीन सुपर सकर मशीनें भी लगाई थीं।
पटना में स्कूल, लेकिन वैशाली से होता है संचालन
स्कूल की सबसे बड़ी समस्या इसकी भौगोलिक स्थिति बताई जा रही है। स्कूल पटना जिले में स्थित है, लेकिन प्रशासनिक रूप से वैशाली जिले के शिक्षा विभाग के अधीन आता है।
ऐसे में वैशाली के शिक्षा और प्रशासनिक अधिकारियों के लिए नियमित रूप से यहां पहुंचना मुश्किल होता है। इसका असर स्कूल की व्यवस्था पर भी पड़ता है।
स्कूल को पटना के अधीन करने की मांग
बिहार अराजपत्रित प्रारंभिक शिक्षक संघ के प्रदेश महासचिव डॉ. भोला पासवान ने मांग की है कि बेहतर पढ़ाई और व्यवस्था के लिए स्कूल को या तो वैशाली जिले में स्थानांतरित किया जाए या फिर इसे पटना जिले के शिक्षा विभाग के अधीन कर दिया जाए।
फिलहाल गंगा का पानी बढ़ने के कारण स्कूल बंद है। शिक्षकों को अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए कच्ची दरगाह जाना पड़ रहा है, जबकि बैठकों के लिए राघोपुर के जहांगीरपुर स्थित संकुल संसाधन केंद्र जाना पड़ता है। गंगा का जलस्तर कम होने और हालात सुरक्षित होने के बाद ही स्कूल को दोबारा खोलने पर फैसला लिया जाएगा।

