जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले के किल्लम इलाके में शुक्रवार को आतंकियों ने दो गैर-कश्मीरी मजदूरों पर गोलीबारी कर दी। इस हमले में छत्तीसगढ़ के रहने वाले दीपक की मौत हो गई, जबकि भूपेंद्र कुमार घायल हो गए। उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस के अनुसार, दोनों मजदूरी का काम करते थे। घटना के बाद सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को घेर लिया और हमलावरों की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियां इस दावे की भी जांच कर रही हैं।
एक दिन पहले भी मिला था आतंकी ठिकाना
इस हमले से एक दिन पहले, 30 जुलाई को सुरक्षाबलों ने जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के जंगल में आतंकियों के एक अस्थायी ठिकाने का पता लगाया था। वहां से राशन, खाना बनाने के बर्तन और अन्य सामान बरामद किया गया था। सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस की संयुक्त टीम इलाके में तलाशी अभियान चला रही थी। अधिकारियों के मुताबिक, घने जंगल और ऊंचे पेड़ों की आड़ में आतंकियों ने यह ठिकाना बना रखा था। फिलहाल पूरे क्षेत्र में सुरक्षा बलों का सर्च ऑपरेशन जारी है।
आतंकियों की तलाश के लिए बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है. जंगल के चप्पे-चप्पे को खंगाला जा रहा है. हाल ही में सुरक्षाबलों को एक दूर-दराज इलाके में ठिकाना मिला था. वहां इस्तेमाल के लिए तैयार आईईडी, कपड़े और खाने-पीने का सामान बरामद हुआ था.
वहीं, थानामंडी इलाके में एक संयुक्त अभियान के दौरान सुरक्षाबलों ने अंडरग्राउंड ठिकाने से 10 अंडर बैरल ग्रेनेड लॉन्चर (यूबीजीएल), गोला-बारूद का एक क्षतिग्रस्त बक्सा और मेडिकल का सामान बरामद किया था. इसके अलावा, 23 मई को हुए तलाशी अभियान के दौरान गुफाओं और घनी झाड़ियों में छिपाकर रखे गए ऑटोमैटिक हथियार, एके-47 राइफलें, पिस्तौल और कई किलोग्राम विस्फोटक सामग्री भारी मात्रा में बरामद की गई थी.

