अभिनेत्री और सांसद कंगना रनौत ने अपने ‘जनरेशन गटर’ वाले बयान पर सफाई दी है। कुछ समय पहले उन्होंने जेन-जी के प्रदर्शन और कुछ युवा हिंदू महिलाओं को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। इसके बाद सोशल मीडिया पर उन्हें काफी आलोचना का सामना करना पड़ा।
कंगना ने क्या कहा?
कंगना ने कहा कि उनका बयान सभी युवाओं के लिए नहीं था। उन्होंने दावा किया कि वह सिर्फ युवाओं के एक खास वर्ग की बात कर रही थीं।
उन्होंने कहा कि उनकी टिप्पणी खास तौर पर उन लोगों को लेकर थी, जो खुद को ‘कॉकरोच’ कहते हैं। कंगना ने कहा कि अगर कोई खुद को इस तरह संबोधित करता है, तो उनकी टिप्पणी को उसी संदर्भ में समझा जाना चाहिए।
‘सभी युवाओं को लेकर नहीं थी बात’
कंगना ने कहा कि अगर युवाओं के किसी खास वर्ग में ड्रग्स, सट्टेबाजी, जुआ या डार्क वेब जैसी चीजों की लत की बात होती है, तो इसका मतलब यह नहीं है कि पूरी युवा पीढ़ी को एक जैसा बताया जा रहा है।
उन्होंने साफ किया कि उनका निशाना कुछ खास लोग और कुछ महिलाएं थीं, न कि पूरी जेन-जी पीढ़ी।
क्या था ‘जनरेशन गटर’ विवाद?
जंतर-मंतर पर हुए जेन-जी प्रदर्शनों को लेकर कंगना ने सोशल मीडिया पर काफी तीखी टिप्पणी की थी। उन्होंने प्रदर्शन से जुड़े कुछ वीडियो और रील्स को लेकर नाराजगी जताई थी और ‘जनरेशन गटर’ शब्द का इस्तेमाल किया था।
कंगना ने प्रदर्शनकारियों के व्यवहार और भाषा पर भी सवाल उठाए थे। उनके इस बयान के बाद विवाद बढ़ गया था और सोशल मीडिया पर उन्हें काफी ट्रोल किया गया था।
कंगना रनौत वर्क फ्रंट
वर्क फ्रंट की बात करें तो कंगना रनौत को आखिरी बार फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ में देखा गया था. मनोज तापड़िया के निर्देशन में बनी यह फिल्म कामा हॉस्पिटल की नर्सों और स्टाफ की सच्ची कहानी पर आधारित थी, जिन्होंने 2008 के मुंबई आतंकी हमलों के दौरान मरीजों की जान बचाई थी. यह 14 अगस्त से जी5 पर स्ट्रीम होगी.

