उमाचरणपुर में खूनी जमीन विवाद: भोजाली-बल्लम के हमले में युवक जिंदगी-मौत से जूझ रहा, एक ही परिवार के 4 घायल

उमाचरणपुर में खूनी जमीन विवाद: भोजाली-बल्लम के हमले में युवक जिंदगी-मौत से जूझ रहा, एक ही परिवार के 4 घायल

फालाकाटा ब्लॉक के उमाचरणपुर में जमीन की नापजोख को लेकर रविवार को जबरदस्त तनाव फैल गया। आरोप है कि भोजाली, बल्लम, लाठी-डंडे लेकर एक परिवार पर आरोपियों ने बर्बर हमला किया। घटना में गंभीर रूप से घायल एक युवक अभी सिलीगुड़ी के एक निजी नर्सिंगहोम में जिंदगी-मौत से जूझ रहा है। इसी परिवार के तीन और सदस्य भी घायल हुए हैं।

स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, उमाचरणपुर में राशन डीलर प्रह्लाद अग्रवाल की जमीन की नापजोख चल रही थी। वहां इलाके के कई लोग मौजूद थे। उसी दौरान स्थानीय निवासी शफीकुल इस्लाम से किसी ने पूछा कि जमीन किसकी है। जवाब में उन्होंने बताया कि यह डीलर प्रह्लाद अग्रवाल की जमीन है और वह पहले इस जमीन पर खेती करते थे।

आरोप है कि इतना कहते ही अब्दुल मजीद प्रधान के परिवार के सदस्य शफीकुल इस्लाम पर टूट पड़े। उस समय शफीकुल बुखार से पीड़ित थे और उन्हें सलाइन चढ़ रही थी। इसी हालत में उनकी बेरहमी से पिटाई की गई।

बचाने के लिए बेटा उमर अहमद दौड़कर आया। आरोप है कि तभी सैफुल आलम प्रधान ने भोजाली से उमर पर बर्बर हमला कर दिया। उसके सिर, हाथ और शरीर के कई हिस्सों में गहरे घाव हो गए। उसी समय ऐनुल हक प्रधान ने बल्लम से वार किया।

लहूलुहान हालत में पहले उमर को फालाकाटा सुपर स्पेशालिटी अस्पताल(Falakata Super Speciality Hospital) ले जाया गया। वहां से उसे कूचबिहार गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (Cooch Behar Government Medical College and Hospital) रेफर किया गया। बाद में हालत बिगड़ने पर नॉर्थ बंगाल मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (North Bengal Medical College and Hospital) में शिफ्ट किया गया। अभी वह सिलीगुड़ी के एक निजी नर्सिंगहोम में गंभीर हालत में भर्ती है। हमले में शफीकुल इस्लाम की पत्नी मानजीना खातून और बेटा मिशकात अहमद भी घायल हुए हैं।

घटना को लेकर डीलर प्रह्लाद अग्रवाल ने कहा, “मेरी जमीन की नापजोख चल रही थी। शफीकुल ने सिर्फ इतना कहा था कि जमीन मेरी है और वह पहले खेती करता था। बस इसी बात पर आरोपी भड़क गए और शफीकुल और उसके परिवार पर हमला कर दिया।” उन्होंने आगे आरोप लगाया कि जमीन विवाद में इससे पहले भी उनके ड्राइवर को लाठी-डंडे से पीटा गया था। स्थानीय लोगों का कहना है कि आरोपी परिवार लंबे समय से इलाके में दहशत का माहौल बनाए हुए है। आरोप है कि मौका मिलते ही दूसरों की जमीन कब्जाना, डराना और हमला करना उनका तरीका रहा है। डर की वजह से कई लोग अब तक मुंह नहीं खोल पाए थे।

स्थानीय निवासियों ने आरोपी अब्दुल मजीद प्रधान पर और भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि उसने जबरन 60 साल पुराना पैतृक घर कब्जा कर लिया है।

पड़ोसी श्यामल चंद्र साहा का आरोप है कि उनके परिवार का पुराना घर जबरन कब्जा कर लिया गया। श्यामलबाबू के भाई गोपाल चंद्र साहा ने बताया,
“थाने में शिकायत की थी। लेकिन तत्कालीन पुलिस प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसलिए हमें अपना पैतृक घर छोड़ना पड़ा।”

इस घटना से उमाचरणपुर के निवासी आक्रोशित हैं। मौके पर बड़ी संख्या में लोग, खासकर महिलाएं जुटकर आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त सजा की मांग कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का एक हिस्सा कह रहा है कि आरोपी परिवार का मुखिया असल में एक ‘जमीन माफिया’ है, जिसके खिलाफ प्रशासन को तुरंत कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। घटना को लेकर इलाके में जबरदस्त तनाव है। पुलिस से तेज और कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर स्थानीय लोग मुखर हैं।

“न्यूज़ ANP के लिए पश्चिम बंगाल से अतीकुर रहमान की रिपोर्ट”

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