बीजेपी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा उज्बेकिस्तान के समरकंद में होने वाले युवा सांसदों के वैश्विक सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। यह सम्मेलन 4 से 6 सितंबर तक आयोजित किया जा रहा है।
राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर इस जिम्मेदारी के लिए भारत के उपराष्ट्रपति का आभार जताया। उन्होंने कहा कि भारतीय संसद की ओर से इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में प्रतिनिधित्व करने के लिए चुना जाना उनके लिए सम्मान की बात है।
क्या है सम्मेलन का नाम?
यह सम्मेलन इंटर-पार्लियामेंट्री यूनियन (IPU) ग्लोबल कॉन्फ्रेंस ऑफ यंग पार्लियामेंटेरियंस का 12वां संस्करण है। राघव चड्ढा ने बताया कि IPU की स्थापना 1889 में हुई थी और इसका मुख्यालय जिनेवा में है।
IPU दुनिया की राष्ट्रीय संसदों का सबसे पुराना और बड़ा संगठन है। इसमें 180 सदस्य संसदें और 15 सहयोगी सदस्य शामिल हैं।
किन मुद्दों पर होगी चर्चा?
इस साल सम्मेलन की मुख्य थीम है—मुश्किल समय में सभी के लिए मानवाधिकार, न्याय और सम्मान को फिर से मजबूत करना।
तीन दिन चलने वाले इस सम्मेलन में दुनिया के युवा सांसद कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करेंगे। इनमें शामिल हैं:
- संघर्ष के दौरान युवाओं के अधिकार
- डिजिटल अधिकार और ऑनलाइन सुरक्षा
- जलवायु परिवर्तन से निपटने की तैयारी
- जलवायु न्याय
- युवाओं के लिए आर्थिक अवसर
राघव चड्ढा ने क्या कहा?
राघव चड्ढा ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और देश की आबादी का एक बड़ा हिस्सा युवा है। ऐसे में इन मुद्दों पर भारत की संसद के पास दुनिया के साथ साझा करने के लिए काफी अनुभव है और दूसरे देशों से सीखने का अवसर भी है।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया उज्बेकिस्तान यात्रा के बाद दोनों देशों के संबंधों में जो गति बनी है, उसे संसदीय स्तर पर आगे बढ़ाने में भारतीय प्रतिनिधिमंडल की भी भूमिका रहेगी।
राघव चड्ढा ने कहा कि इस सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व करना उनके लिए सम्मान और सौभाग्य की बात है।

