अमेरिकी हमले में मौत के बाद घर लौटा आदित्य का पार्थिव शरीर, इकलौते बेटे को अंतिम बार गले लगाने को बिलखती रही मां

अमेरिकी हमले में मौत के बाद घर लौटा आदित्य का पार्थिव शरीर, इकलौते बेटे को अंतिम बार गले लगाने को बिलखती रही मां

ओमान में अमेरिकी हमले के दौरान जान गंवाने वाले हमीरपुर जिले के भालू गांव निवासी 23 वर्षीय मर्चेंट नेवी डेक कैडेट आदित्य शर्मा के पार्थिव शरीर का गुरुवार को डॉ. राधाकृष्णन राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, हमीरपुर में पोस्टमार्टम किया गया। निर्धारित प्रक्रिया के तहत दो डॉक्टरों की टीम ने पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी की। इस दौरान अस्पताल परिसर में आदित्य के परिजन भी मौजूद रहे और पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए रखी।

आदित्य के सिर पर लगी थी गंभीर चोट

जानकारी के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आदित्य के सिर पर गंभीर चोटों के निशान पाए गए हैं। औपचारिकताएं पूरी होने के बाद उनका पार्थिव शरीर पैतृक गांव भालू ले जाया गया, जहां आज पूरे सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। आदित्य शर्मा के निधन से हमीरपुर सहित पूरे प्रदेश में शोक का माहौल है।

बेटे की मौत पर पिता का रोकर बुरा हाल

जवान बेटे का शव देख मां का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है। दर्द बयां करते ही पिता कहने लगे कि सपने तो इकलौते बेटे की घर से बारात निकलने के देखे थे। अब आंखें उसकी अंतिम विदाई का सच देखने को बिल्कुल भी तैयार नहीं।

आपको बता दें कि ओमान तट के पास समुद्र में एक ऑयल टैंकर पर हुए अमेरिका के हिंसक हमले में 23 वर्षीय आदित्य शर्मा समेत तीन भारतीयों की मौत हो गई थी। आदित्य जहाज पर डेक कैडेट के रूप में कार्यरत थे और अपने परिवार की उम्मीदों का प्रमुख सहारा थे। जानकारी के अनुसार, अमेरिका द्वारा ओमान के तट के पास जहाज पर किए गए हमले के दौरान जहाज पर कुल 24 क्रू सदस्य सवार थे। घटना के बाद चलाए गए रेस्क्यू ऑपरेशन में 21 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि तीन भारतीय नाविक लापता हो गए थे। लापता लोगों में हिमाचल के युवा नाविक आदित्य शर्मा भी शामिल थे। कई दिनों तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद उनकी मौत की पुष्टि होने से परिवार और क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है। बड़सर के विधायक ने गहरा दुख जताते हुए कहा कि क्षेत्र ने एक प्रतिभाशाली और होनहार युवा को खो दिया है, जिसकी कमी लंबे समय तक महसूस की जाएगी।

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *