वट वृक्ष की पूजा एवं कथा श्रवण कर सुहागानों ने मांगा अखंड सौभाग्य का वरदान
झरिया(DHANBAD) कोयलांचल की धरती धनबाद में बड़े ही धूमधाम से महिलाओं ने किया वट सावित्री की पूजा अर्चना। बड़ी संख्या में सुबह से ही महिलाएं अपने पति परमेश्वर की दीर्ध जीवन एवं अखंड सौभाग्य के लिए गुरुवार को झरिया धनबाद कोयलांचल में सुहागिनों ने वट सावित्री की पूजा अर्चना की..
यह पर्व जेठ माह कृष्ण पक्ष अमावस्या तिथि को सुहागिन स्त्रियां अखंड सौभाग्य के लिए करती हैं।जिसको लेकर सुबह से ही बड़ी संख्या में सुहागन स्त्रियां बट वृक्ष की पूजन अर्चना करते दिखी।
इस दौरान सुहागिन स्त्रियों ने कच्चे सूत्र से बट वृक्ष का फेरा लगाया। फूल फल एवं पकवान से बट वृक्ष की पूजा की तथा विद्वान आचार्य से बट सावित्री व्रत कथा का श्रवण किया।

हिंदू धर्म में वट सावित्री व्रत की तरह कई व्रत त्योहारों में पेड़ पौधों की पूजा की जाती है।
प्रकृति की पूजा हर संस्कृति, धर्म में किसी ना किसी रूप में हमेशा से होती रही है।
कथा के अनुसार सावित्री ने बट वृक्ष की पूजा अर्चना कर अपने पति सत्यवान के प्राणों को वापस पाया था। तब से शुरू हुई यह बट सावित्री की पूजा अर्चना कार्यक्रम आज भी जारी है।
NEWS ANP के लिए झरिया से अरविंद सिंह बुंदेला की रिपोर्ट…
