पुरुलिया(PURULIYA): पश्चिम बंगाल के पुरुलिया मे उत्तर प्रदेश बरेली के रहने वाले तीन संतो को लोगों ने बच्चा चोर समझकर उनको नंगा कर के बेरहमी से पिटाई कर दी, बहोत मुश्किल से इलाके के ही कुछ युवकों ने तीनो संतों को भीड़ के चुंगल से संतों को बचाया और घटना की जानकारी पुलिस को दी
जिसके बाद मौके पर पहुँची पुलिस तीनो संतों को थाने ले आई, अगर इलाके के कुछ युवक संतों को समय पर आकर भीड़ के चुंगल से नही बचाते तो पुरुलिया मे भी महाराष्ट्र के पालघर की तरह घटना घट जाती,
वहीं पुलिस द्वारा पूछताछ के बाद यह पता चला की तीनो संत उत्तर प्रदेश के बरेली से गंगा स्नान के लिये गंगासागर जा रहे थे ऐसे मे उनका कसूर केवल इतना था की वह रास्ते मे लोगों से दानपुन मांगने की हिमाकत कर दी और किसी के कहने पर पुरुलिया के एक ईंट भट्ठा की तरफ रवाना हो गए यह सोंचकर की ईंट भट्ठा मालिक उन्हें अच्छा दानपुन करेगा ऐसे मे इलाके के तीन नाबालिक युवकों से उन्होने ईंट भट्ठा का रास्ता पूछ लिया,
युवकों ने रास्ता तो नही बताया पर उन संतों के भेस भूसा देखकर डर के मारे भाग गए जिसके बाद इलाके मे यह हल्ला हो गया की इलाके मे बच्चा चोर आए हैं, फिर तब क्या था इलाके के लोगों ने संतों को घेर लिया और उन्हें इलाके मे स्थित एक काली मंदिर के पास ले गए जहाँ उन्होने उन तीनो संतों को नंगा कर के जमकर धुनाई करणी शुरू कर दी
तीनो संत हाँथ जोड़कर अपनी बेगुनाही का सबूत देते रहे यह कहते रहे की वह बच्चा चोर नही वह उत्तर प्रदेश के बरेली के रहने वाले हैं वह संत हैं उन्हें गंगासागर गंगा स्नान के लिये जाना है, इस लिये वह इलाके के ईंट भट्ठा जाने के लिये ईंट भट्ठा के मालिक से दान पुन मांगने के लिये युवकों से पता पूछ रहे थे पर भीड़ ने उनकी एक नही सुनी और उनको बेरहमी से पीटते रहे, अंत मे मौके पर इलाके के ही कुछ युवकों को दया आ गई और उन्होने अपनी जान पर खेलकर भीड़ के चुंगल से उन तीनो संतों को बचाया, पुलिस जाँच मे पता चला की तीनो संत सच बोल रहे थे,
जिसके बाद पुलिस ने संतों से कहा की क्या वह उनपर हमला करने वालों के खिलाफ शिकायत दर्ज करना चाहते हैं तो संतों ने मना कर दिया, जिसके बाद वह गंगा सागर की ओर निकल गए, बताया जा रहा है की इन तीनो संतों मे एक बुजुर्ग संत हैं और दो युवा संत साथ मे उनके एक गाड़ी चालक भी है,
वहीं लोगों ने संतों की गाड़ी मे पूरी तरह तोड़फोड़ कर दिया है, जिससे उनकी गाड़ी पूरी तरह छत्तीग्रस्त हो चुकी है, ऐसे मे बिजेपी आईटी सेल के हेड अमित मालवीय ने अपने ट्विटर अकाउंट एक्स से घटना की निंदा करते हुए कहा है की पुरुलिया में साधुओं के एक ग्रुप को घेरकर पीटने का विडिओ शेयर करते हुए ममता बनर्जी सरकार पर निशाना साधा है। वीडियो पुरुलिया के होने का दावा किया जा रहा है।
बीजेपी नेता अमित मालवीय ने दावा किया है कि पुरुलिया में 2020 में महाराष्ट्र के पालघर जैसी लिंचिंग हुई है। बताया जा रहा है कि मकर संक्रांति के लिए साधुओं का समूह गंगा सागर स्नान के लिए जा रहा था जिसे टीएमसी के कार्यकर्ताओं ने निर्वस्त्र कर पीटा है। 30 सेकंड के वायरल वीडियो में साधुओं के समूह को भीड़ द्वारा पीटा जा रहा है और लोग बचाने के बजाए तमाशबीन बने हुए हैं।
बीजेपी नेता जो वीडियो शेयर किया है उसमें साफ दिख रहा है कि आक्रोशित भीड़ भगवा कपड़े पहने एक साधू के बाल पकड़कर खींच रही है। साधु को निर्वस्त्र कर डंडों से पीटा जा रहा है। साधु अपने आप को बचाने की कोशिश कर रहा है, साथ ही वह रहम की भीख भी मांग रहा है लेकिन इसके बावजूद आक्रोशित भीड़ उसे लगातार पीटती रहती है। पीड़ित साधु के साथ एक और शख्स भगवा कपड़े पहने हुए वीडियो में दिख रहा है।
NEWS ANP के लिए प० बंगाल से अमरदेव की रिपोर्ट..
