जो व्यक्ति अपने जीवन को मानवता की सेवा में समर्पित कर दे, वही सच्चा सेवक है:श्री देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज।

धनबाद(DHANBAD)निरसा।श्रीमद्भागवत कथा के समापन दिवस की शुरुआत विश्व शांति के लिए प्रार्थना के साथ की गई जिसके बाद श्री देवकीनन्दन ठाकुर जी महाराज ने कथा पंडाल में बैठे सभी भक्तों को ” के अनिलो रे कोथै छिलो रे” भजन श्रवण कराया।

हर माँ बाप को अपने बच्चों को सीखाना चाहिए कि वह अपने बड़ो का सम्म्मान करें। गुरु, राजा, माता- पिता के अनुमति के बाद ही मनुष्य को अपना आसान ग्रहण करना चाहिए। जो भी मनुष्य अपने से श्रेष्ठ पुरुषो के सामने आसान पर ऊपर बैठते है उनको जीवन में काफी दुःखों का सामना करना पड़ता है। भगवान राम की हर धर्म में पूजा होनी चाहिए।

आज कुछ लोग सत्ता की कुर्सी पाने के लिए समाज को बांटने की खतरनाक कोशिश कर रहे है जो कि समाज के लिए काफी हानिकारक है। हर भारतीय युवा को भारत का इतिहास पढ़ना चाहिए। मनुष्य को अपने जीवन में जातियों में नहीं बांटना चाहिए।जो व्यक्ति अपने जीवन को मानवता की सेवा में समर्पित कर दे, वही सच्चा सेवक है। मनुष्य का एक ही कर्म व धर्म है और वह है मानवता। हम इस दुनिया में इंसान बनकर आए हैं तो सिर्फ इसलिए कि हम मानव सेवा कर सकें। अगर भगवान बार-बार धर्म की रक्षा करने के लिए धरती पर आते है तो मनुष्य को भी अपने धर्म की रक्षा करनी चाहिए।

NEWS ANP के लिए निरसा से संतोष की रिपोर्ट…

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