दुगदा(DUGDA) रोजगार के लिए अपना घर परिवार छोड़ कर पलायन करने वाले अप्रवासी मज़दूर धनेश्वर महतो का पार्थिव शरीर मृत्यु के चार दिन बाद करनाल हरियाणा से शनिवार को दुग्दा गोटटांड़ एम्बुलेंस से पहुँचा। गोटटांड़ गांव में एम्बुलेंस के प्रवेश करते ही सैकड़ो की संख्या में ग्रमीण इकठ्ठा हो गए।
झारखंड अलग राज्य आंदोलनकारी सह अप्रवासी मज़दूर धनेश्वर महतो के शव को देख कर महिलाएं दहाड़ मारकर रोने लगी।महिलाओं और परिजनों के चीख पुकार सुनकर पूरे गांव का माहौल गमगीन हो गया।शव को पहुंचते ही झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रखंड अध्यक्ष सुभाष चन्द्र महतो, सचिव बालमुकुंद महतो ,राजकुमार महतो, मो समीद, धनबाद सांसद के बड़े भाई शत्रुधन महतो, जिप सदस्य संतोष कुमार पांडेय, अजय कुमार महतो,आजसू पार्टी के उमाशंकर महतो, रोशन कुमार महतो,भाजपा नेता चंद्रशेखर महथा, मुखिया प्रतिनिधि मंटु महथा, पूर्व मुखिया जगरनाथ महतो, नोमी लाल महतो, भुनेश्वर महतो उर्फ गांधी जी, बैजू महतो धनजय महतो रथु महतो, उत्तम महतो,
बीरू महतो, संतोष गोराई, जगमोहन महतो, खेमलाल महतो,समेत कई अन्य जनप्रतिनिधि पहुँचे।मृत धनेश्वर महतो के शव के साथ हरियाणा करनाल से स्टार लाईट ए डी एल कंपनी के प्रतिनिधि मो तस्लीम से मुआवजा को लेकर वार्ता हुई।मो तस्लीम ने बताया कि काम करने के दौरान लू लगने से धनेश्वर महतो की तबीयत खराब हुई और ईलाज के दौरान उनकी मौत हो गयी।वार्ता में स्टार लाईट ए डी एल कंपनी की ओर से एक लाख सत्तर हजार रुपये मुआवजा देने की बात कही। जनप्रतिनिधि और परिजनों ने मुआवजा लेने से इनकार करते हुए कंपनी के प्रतिनिधि मो तस्लीम को दुग्दा थाना पुलिस के हवाले कर कंपनी और मजदूर को जाने वाले व्यक्ति पर मुकदमा दर्ज कराने बात कही।परिजनों का कहना है कंपनी ने मज़दूर के इलाज में लापरवाही के कारण धनेश्वर महतो की मौत हो गयी।झारखंड अलग राज्य आंदोलनकारी सह अप्रवासी मज़दूर धनेश्वर महतो का अंतिम संस्कार जमुनिया नदी तट पर किया गया।
NEWS ANP के लिए दुगदा से धर्मेन्द्र सिंह की रिपोर्ट…
