धनबाद(DHANBAD) 04 हजार रुपए लेकर धनबाद जेल में एक कैदी को गांजा, नशीली दवाइयां और मोबाइल पहुंचाने जा रहा कक्षपाल इग्नासियुल आइंद को धनबाद जेल गेट पर चेकिंग के दौरान गिरफ्तार कर लिया गया। धनबाद थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एफआईआर कर धनबाद जेल भेजा दिया है। शिकायत मिलने पर जेल आईजी ने कक्षपाल को सस्पेंड कर दिया है। सूत्रों के अनुसार पहले भी जेल गेट पर चेकिंग के दौरान गांजा समेत कई प्रतिबंधित सामग्री पकड़ी गई है। जेल में 4 दिसंबर 2023 को अमन सिंह की गोली मारकर हत्या के बाद धनबाद से रांची तक के पुलिस अधिकारियों ने छापामारी कर आधा दर्जन से अधिक मोबाइल और प्रतिबंधित सामग्री जब्त किया था। जेल गेट पर सख्ती से 365 दिन चेकिंग होगी तो कैदियों के पास बगैर जेल प्रबंधन के आदेश के कागज का एक टुकड़ा भी नहीं पहुंच सकता है।
जेल प्रबंधन और पुलिसकर्मियों की लापरवाही या मिलीभगत से ही अमन सिंह की हत्या करने के लिए जेल गेट से रितेश यादव के पास दो पिस्टल पहुंचा था। धनबाद जेल से छूटे एक दो कैदियों ने नाम नहीं छापने के शर्त पर कहा कि धनबाद जेल के भीतर वर्षों से भ्रष्टाचार हावी है। कैदियों से मंथली लिया जाता है। इसके अलावा मोबाइल से बात करने का भी मिनट के हिसाब से पैसा मांगा जाता है। जिस कैदी अपना मोबाइल मंगवाना है, वह मोबाइल भी मंगवा लेता है। धनबाद जेल में जिस कैदी को जो सुविधा चाहिए, वह वार्ड इंचार्ज और पुलिसकर्मियों के माध्यम से जेल में मंगवा लेता है। बाहर से खाना या प्रतिबंध सामान मंगवाने का पैसा अलग से लगता है। जो कैदी, वार्ड इंचार्ज को मंथली नहीं देते हैं, उसकी धनबाद जेल में जमकर पिटाई भी होती है। जेल के भीतर वर्चस्व को लेकर कई बार कैदियों के अलग-अलग गुटों में हिंसक झड़प की घटनाएं घट चुकी है। धनबाद जेल में अक्सर बड़ा हादसा होने के बाद कुख्यात कैदियों को झारखंड के विभिन्न जिलों में शिफ्ट कर दिया जाता है
कारापाल के लिखित शिकायत पर धनबाद थाना में हुआ है एफआईआर…
धनबाद मंडल कारा का कक्षपाल इग्नासियुल आइंद जेल के अंदर गांजा, नशीली दवा और किपैड वाला मोबाइल ले जाते हुए पकड़ाने के बाद जेल प्रभारी कारापाल मनोज कुमार गुप्ता के लिखित शिकायत पर धनबाद थाना में उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गयी है. पूछताछ में इग्नासियुल आइंद ने पुलिस को बताया कि धनबाद जेल का बंदी सूरज कुमार ने उसे चार हजार रुपये दिये थे और उसी के कहने पर गांजा, नशीली दवाइयां और मोबाइल पहुंचाने जा रहा था. पकड़ा गया कक्षपाल इग्नासियुल रांची जिले के गांव ईठा करंजटोली, थाना कर्रा का रहने वाला है, जबकि इसका दूसरा पता रांची के धुर्वा, डॉग ट्रेनिंग स्कूल सिठियो पिंडर है.
अंडर गारमेंट में छिपा कर ले जा रहा था सामान…
प्रभारी कारापाल मनोज कुमार गुप्ता ने पुलिस को दिये आवेदन में बताया है कि बुधवार की अहले सुबह भूतपूर्व सैनिक कक्षपाल इग्नासियुस आइंद जेल ड्यूटी के लिए अंदर जा रहा था. तभी गेट पर ड्यूटी कर रहे प्रदीप कुमार दास ने उसकी तलाशी ली. इग्नासियुस आइंद अपने जांघिया के नीचे गांजा का एक पैकेट में 50 ग्राम गांजा, एक की-पैड मोबाइल सीम सहित तथा नशा का दवा छह पीस छिपा कर ले जा रहा है. उसे तुरंत गेट के अंदर बैठा दिया गया और वरीय अधिकारियों को सूचना दी गयी. वरीय अधिकारियों ने पूछताछ शुरू की तो पूरे मामला का खुलासा हुआ.
कक्षपाल कई महीनों से कैदियों को पहुंचा रहा था प्रतिबंधित सामग्री…
पुलिस सूत्रों ने बताया कि इग्नासियुस आइंद पहले से इस तरह का काम कर रहा है और जेल के अंदर बंदियों को बाहर का सामान के साथ नशीला पदार्थ मुहैया कर रहा है. वहीं पुलिस अब उससे पूछताछ कर रही है और वह अब तक किस किस बंदी को बाहर से नशीला सामान लाकर मुहैया कराया है.
गैंगस्टर अमन सिंह की जेल में हत्या के बाद भी सुरक्षा में सेंध..
धनबाद मंडल कारा में बंद गैंगस्टर अमन सिंह की भी हत्या धनबाद जेल में हुई थी. इस दौरान भी बाहर से हथियार अंदर भेज गये और रितेश उर्फ सुंदर यादव ने उसकी गोली मार कर हत्या कर दी थी. इससे साफ होता है कि धनबाद जेल में बाहर से कुछ भी सामान अंदर मंगवाया जा सकता है और बंदी कुछ रुपये देकर इस तरह के स्टॉफ का उपयोग करते हैं
NEWSANP के लिए कुंवर अभिषेक सिंह की रिपोर्ट