दिल्लीDELHI): करीब ₹1200 करोड़ की लागत से बने देश के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले नए संसद भवन में स्मोक कैन फेंकने की घटना सुरक्षा में बड़ी चूक है संसदीय सुरक्षा से जुड़े एक शीर्ष अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि स्मोक कन अंदर कैसे पहुंचे यह सबसे हैरानी की बात है अगर यह जूता या मौज में छिपी होती तो डीएफएमडी डोरफ्रेम मेटल डिटेक्टर मैं जरुर पड़ी जानी चाहिए थी
हालांकि एक वजह यह भी हो सकती है कि 2004 के बाद से संसद के लिए सुरक्षा गैजेट नहीं खरीदे गए यानी यह 19 साल पुराने हैं एक अन्य संसदीय सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि उनके स्टाफ में 10 साल से नहीं भारती नहीं हुई है करीब 150 सुरक्षा कर्मियों के पद खाली पड़े हैं नई संसद में फेशियल रीडिंग के उपकरण ही नहीं है बाकी मैन्युअल चेकिंग बहुत कम हो गई है पुरानी संसद में उसे पर ज्यादा जोर था। यानी की 1200 करोड़ खर्च तो कि गई पर सिर्फ चकाचौंध में, पर सुरक्षा की ओर ध्यान नही दिया गया।
5 जरूरी कदम, जो अब उठाए गये नई संसद भवन में घुसपैठ के बाद केंद्र सरकार सतर्क हो गई है अब सिक्योरिटी प्रोटोकॉल में कई बदलाव किए जा रहे है
•सांसदों स्टाफ मेंबर्स और पत्रकारों की एंट्री गेट अलग होगी विजिटर को चौथे गेट से प्रवेश किया जाएगा।
- विजिटर पास जारी करने पर अभी रोक लगा दी गई है।
- दर्शनदीर्घा के चारों ओर ग्लास की शील्ड लगाई जाएगी ताकि कोई कूद कर सदन के अंदर ना आ सके
- एयरपोर्ट की तरह बॉडी स्कैन मशीन लगाई जाएगी
- सुरक्षा कर्मियों की संख्या में भी बढ़ोतरी की जाएगी
नहीं संसद भवन में दर्शनदीर्घा और अंगुटुकों की तलाशी की जिम्मेदारी दिल्ली पुलिस के सिपाहियों को सौंप गई है पुरानी संसद में यह काम संसदीय सुरक्षित कर्मी करते थे जो बॉडी लैंग्वेज पढ़ने में माहिर थी सीआरपीएफ के सादी वर्दी धारी जवान दर्शनदीर्घा के निगरानी कर रहे लेकिन उन्हें हाव-भाव समझने की कोई ट्रेनिंग नहीं दी गई है।
पर यहां सवाल उठता है कि संसद के अंदर इन इन्होंने घुसपैठ कर विरोध क्यों जाते
संसद में एक बड़ी सुरक्षा उल्लंघन की योजना बनाने की ओर उसे अंजाम देने में 6 लोग शामिल थे के दो अलग-अलग ग्रुप में आए थे एक ग्रुप संसद के अंदर क्या जबकि दूसरा ग्रुप संसद भवन की इमारत के बाहर ही रुक रहा संसद के अंदर सागर शर्मा और मनोरंजन डी गये। नीलम कौर अनमोल शिंदे संसद परिसर के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे।
दोनों केन से धुआं छोड़ते हुए तानाशाही नहीं चलेगी के नारे लगा रहे थे छठा आरोपी फरार है,वही पांचवा आरोपी गुरुग्राम से गिरफ्तार किया गया उनके एक अन्य साथी ललित की तलाश की जा रही है पुलिस ने बताया कि यह सभी आरोपी गुरुग्राम में विशाल शर्मा के यहां रुके थे, वह एक निर्यात कंपनी में चालक था लेकिन बाद में ऑटो रिक्शा चलाने लगा पुलिस ने विशाल व उनकी पत्नी को भी हिरासत में लिया है और घटना में उसकी संभावित भूमिका की जांच की जा रही है।
News ANP के लिए दिल्ली से ब्यूरो रिपोर्ट…