जयपुर। राजस्थान पुलिस ने जयपुर ज़िले के मनोहरपुर कस्बे में BJP नेता और कबाड़ व्यापारी रामावतार असवाल (उर्फ़ पप्पू) की बेरहमी से की गई हत्या के मामले को सिर्फ़ तीन दिनों में सुलझा लिया है। इस सनसनीखेज हत्या ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया था। शुरू में शक था कि यह घटना राजनीतिक रंजिश या पुरानी दुश्मनी से जुड़ी हो सकती है, लेकिन पुलिस की जांच में पता चला कि इसके पीछे एक मामूली विवाद था।
जयपुर ग्रामीण पुलिस के मुताबिक, 1 जून की शाम को श्याम मार्केट स्थित कबाड़ के गोदाम में रामावतार असवाल का गला रेत दिया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम बनाई और तकनीकी सबूतों के आधार पर जांच शुरू की।
पुलिस अधीक्षक हनुमान प्रसाद ने बताया कि जांच में पता चला है कि घटना वाले दिन, लुहार मंडी का रहने वाला 20 साल का सोहिल नाम का युवक, रामअवतार के गोदाम में एक पुराना कूलर खरीदने गया था। बताया गया है कि आरोपी उस कूलर में कबूतर रखना चाहता था। वहां कूलर की कीमत को लेकर दोनों के बीच बहस हो गई।
जांच में यह भी पता चला कि बहस के दौरान रामअवतार का एक परिचित वहां पहुंचा, जिससे मामला कुछ देर के लिए शांत हो गया। लेकिन, उस परिचित के जाने के बाद फिर से झगड़ा शुरू हो गया। आरोप है कि गुस्से में आकर सोहिल ने पास ही पड़ी लोहे की एंगल बार से रामअवतार के सिर पर वार किया।
हमले के बाद जब रामावतार ज़मीन पर गिर पड़े, तो आरोपी ने चाकू निकालकर उनकी गर्दन और हाथों पर कई वार किए। गंभीर चोटों के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी वहाँ से भाग गया।
पुलिस ने इस ‘ब्लाइंड मर्डर’ केस को सुलझाने के लिए बड़े पैमाने पर जांच शुरू की। घटनास्थल और आस-पास के इलाकों में लगे लगभग 150 CCTV कैमरों की फुटेज की बारीकी से जांच की गई। तकनीकी विश्लेषण, स्थानीय जानकारी और मुखबिरों के नेटवर्क की मदद से पुलिस आरोपी का पता लगाने में कामयाब रही।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस मामले को सुलझाने में तकनीकी जांच और CCTV फुटेज ने अहम भूमिका निभाई। जांच टीम ने आरोपी की गतिविधियों का बारीकी से विश्लेषण किया, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
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पुलिस अभी आरोपी सोहिल से पूछताछ कर रही है और उसके द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियारों को बरामद करने की कोशिश कर रही है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि कैसे मामूली विवाद कभी-कभी हिंसक और जानलेवा टकराव का रूप ले सकते हैं। यह हत्या स्थानीय निवासियों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।

