DESK: बजट सत्र में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देते हुये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को पूरे राजनीतिक रंग में नजर आये, विपक्ष की नारेबाजी के बीच PM मोदी ने तीखे तंज, बड़े दावे और लंबा विजन एक साथ रखा। राज्यसभा में उन्होंने कहा—देश रुकने वाला नहीं है, भारत अब पीछे देखने के बजाय लक्ष्य हासिल करके ही सांस लेगा। PM मोदी ने मल्लिकार्जुन खरगे की उम्र पर कटाक्ष करते हुये कहा कि वे बैठकर भी नारे लगायें तो कोई दिक्कत नहीं, पीछे युवा नेता मौजूद हैं। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रपति के अभिभाषण को भारत के उज्ज्वल भविष्य का रोडमैप बताया—जिसमें युवा, किसान, महिलाएं, विज्ञान, टेक्नोलॉजी और मध्यम वर्ग सब शामिल हैं।
PM ने भारत को दुनिया की उभरती ताकत बताते हुये कहा कि जहां समृद्ध देश बूढ़े हो रहे हैं, वहीं भारत युवा हो रहा है। वैश्विक अर्थव्यवस्था, वैश्विक दक्षिण, एमएसएमई, स्टार्टअप, पीएसयू सुधार, कम एनपीए और तेज विकास दर को उन्होंने सरकार की बड़ी उपलब्धियां गिनाया। PM ने दावा किया कि भारत तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दहलीज पर है। कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और विपक्षी गठबंधन पर PM मोदी ने जमकर हमला बोला—बोफोर्स से लेकर “शीशमहल”, योजना आयोग से लेकर “जीप-खच्चर मॉडल” तक पुराने किस्सों के जरिये विपक्ष को घेरा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस देशवासियों को समस्या मानती थी, जबकि भाजपा के लिए 140 करोड़ लोग ताकत हैं। ‘मोदी तेरी कब्र खुदेगी’ जैसे नारों पर पलटवार करते हुये प्रधानमंत्री ने कहा—“मैं रोज दो किलो गाली खाता हूं, फिर भी चलता हूं, क्योंकि मेरी सरकार 140 करोड़ लोगों के रिमोट से चलती है।” उन्होंने दो टूक कहा कि भारत अब बस मिस नहीं कर रहा, बल्कि काफिले का नेतृत्व कर रहा है और लक्ष्य साफ है: विकसित भारत 2047।
NEWSANP के लिए ब्यूरो रिपोर्ट

