महेंद्र सिंह धोनी, जो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से 2019 में संन्यास ले चुके हैं, अब ड्रोन पायलट बन चुके हैं। 44 साल के धोनी आईपीएल में सक्रिय रहने के साथ-साथ अब तकनीकी दुनिया में भी अपनी छाप छोड़ रहे हैं।
DGCA अप्रूव्ड ट्रेनिंग पूरी की
चेन्नई स्थित एक DGCA अप्रूव्ड रिमोट पायलट ट्रेनिंग ऑर्गनाइजेशन (RPTO) में धोनी ने अपना ड्रोन पायलट प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया। इसमें सैद्धांतिक क्लास, सिमुलेटर और वास्तविक ड्रोन उड़ाने के व्यावहारिक सत्र शामिल थे। अब धोनी आधिकारिक रूप से ड्रोन उड़ाने के लिए प्रमाणित हैं।
कम समय में सीख ली ड्रोन उड़ाने की कला
गरुड़ एयरोस्पेस के संस्थापक और CEO अग्निश्वर जयप्रकाश ने कहा कि धोनी ने ट्रेनिंग बहुत जल्दी और ध्यानपूर्वक पूरी की। उनका व्यावहारिक दृष्टिकोण और तेज सीखने की क्षमता टीम के लिए प्रेरणा स्रोत है।
माही की प्रतिक्रिया
महेंद्र सिंह धोनी ने खुद कहा कि उन्होंने गरुड़ एयरोस्पेस के साथ DGCA ड्रोन पायलट सर्टिफिकेशन प्रोग्राम पूरा कर लिया है। इस उपलब्धि से उन्हें ड्रोन उद्योग और तकनीकी क्षेत्र में योगदान देने का मौका मिलेगा।
ड्रोन उद्योग में नई प्रेरणा
धोनी की इस उपलब्धि ने ड्रोन संचालन में सुरक्षा और कौशल को बढ़ावा दिया है। अब भविष्य में धोनी ड्रोन तकनीक के प्रचार-प्रसार और व्यावसायिक उपयोग में भी भागीदार बन सकते हैं।
NEWSANP के लिए ब्यूरो रिपोर्ट

