कोलकाता,पश्चिम बंगाल मे शुक्रवार को दूसरे चरण का मतदान सुबह सात बजे से शुरू हो जाएगा जो शाम 6 बजे तक चलेगा, पश्चिम बंगाल लोकसभा 2024 के चुनाव मे होने वाले दूसरे चरण के इस मतदान मे तीन सीटों पर वोट डाले जायेंगे जिसमे दार्जलिंग, बालूरघाट और रायगंज सीट शामिल है, भाजपा ने दार्जलिंग लोकसभा सीट पर राजू बिस्ट को चुनावी मैदान मे उतारा है तो वहीं तृणमूल ने राजू बिस्ट का सामना करने के लिए अनिल थापा को चुनावी मैदान मे उतारा है,
वहीं कॉंग्रेस ने मुनीश तमाँग को भाजपा और तृणमूल के उमीदवारों को मात देने के लिए अपना उम्मीदवार बनाया है, वहीं अगर हम बालूरघाट लोकसभा सीट की अगर बात करें तो भाजपा ने पश्चिम बंगाल के भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार को अपना उमीदवार बनाया है,

वहीं सुकांत मजूमदार का सामना करने के लिए तृणमूल ने बिप्लब मित्रा को अपना उम्मीदवार बनाया है, भाजपा के सुकांत और तृणमूल के बिप्लब का सामना करने के लिए कॉंग्रेस ने बख्तियार मुजाहित साहनी को चुनावी मैदान मे उतारा है, वहीं रायगंज लोकसभा सीट से भाजपा ने कार्तिक पॉल, तृणमूल ने कृष्णा कल्याणी तो कॉंग्रेस ने इमरान अली रमज उर्फ़ विक्टर को अपना उम्मीदवार बनाया है, हम बताते चलें की यह तीनो लोकसभा सीट भाजपा के खाते मे थी दार्जलिंग से राजू बिस्ट तो बालूरघाट से सुकांत मजूमदार और रायगंज से देबश्री राय चौधरी रह चुकी हैं सांसद, इस बार भाजपा ने दार्जलिंग लोकसभा सीट से राजू बिस्ट और बालूरघाट लोकसभा सीट से सुकांत मजूमदार पर दोबारा बिस्वास जताया है,
तो वहीं रायगंज लोकसभा सीट से भाजपा ने देबश्री का टिकट काटकर कार्तिक चंद्र पाल को अपना उम्मीदवार बनाया है, उत्तर बंगाल के इन तीन सीटों पर होने वाली लोकसभा चुनाव मे अगर किसी मुद्दों की बात करें तो विधानसभा चुनाव के तरह ही इस बार भी लोकसभा के चुनाव मे गोर्खाओं द्वारा गोर्खालैंड की मांग एक प्रमुख मुद्दा है, गोरखा समुदाय का दार्जलिंग लोकसभा सीट पर अच्छा खासा प्रभाव है, ऐसे मे अगर हम रायगंज लोकसभा सीट की अगर बात करें
तो रायगंज लोकसभा सीट इलाके में मुस्लिम आबादी 50 प्रतिशत है, रायगंज वही सीट है, जहां पिछले साल रामनवमी के समय दंगा हुआ था। नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी के कोर्ट-कचहरी करने के बाद यहां की जांच एनआईए के पास गई थी। पंद्रह लोग इसी मामले में अब तक जेल में हैं, रायगंज में रामनवमी का पिछला बवाल इस चुनाव का एजेंडा है। इस बार रामनवमी पर पूरी तरह अगर शांति रही तो एनआईए का दखल एक बड़ा कारक है। एक वर्ग को डर था कि उपद्रव हुआ तो फिर एनआईए अपना काम करेगी। तृणमूल ने जांच का सुप्रीम कोर्ट तक विरोध किया था।
यह विरोध रायगंज के इस चुनाव में ध्रुवीकरण का औजार है। फ्री राशन एक वर्ग के लिए एजेंडा हो सकता है पर सामान्य वर्ग शांति और सुरक्षा चाहता है। बांग्लादेश की सीमा से एकदम सटे रायगंज में घुसपैठ की जड़ें गहरी जमी हैं, उत्तर बंगाल के इन तीन सीटों के लिए होने वाले मतदान से पहले भाजपा के लिए खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बालूरघाट मे सभा किया तो वहीं तृणमूल सुप्रीमो मुख्यमंत्री ममता बैनर्जी ने भी इन तीनो सीटों को पाने के लिए कोई कसर नही छोड़ी रामनवमी के दिन बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने घोषणा-पत्र जारी कर राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) पर रोक और केंद्र में सत्ता में आने पर जिस नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) को रद्द करने की घोषणा की है, तो वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रायगंज और बालुरघाट में सभा कर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बंगाल में घुसपैठ, शासन में भ्रष्टाचार और संदेशखाली की गुंडागर्दी के खिलाफ हुंकार भर चुके हैं। अपनी गारंटी और बंगाल में केंद्र सरकार की ओर से हुए विकास को गिनवा गए हैं
NEWS ANP के लिए आसनसोल से अमरदेव की रिपोर्ट ..
