गिरिडीह लोकसभा चुनाव में बंद कोल वाशरी का मुद्दा उठा…

गिरिडीह: लोकसभा चुनाव के मतदान की तिथि 25 मई जैसे-जैसे नजदीक आ रही है ।गिरिडीह लोकसभा में लोगों के बीच कई ज्वलंत मुद्दे उछलकर सामने आ रहे हैं। क्या मतदान के पूर्व मतदाता इन्हीं मुद्दों को लेकर मतदान करेंगे।बताते थे कि बोकारो जिले के चंद्रपुर क्षेत्र एक औद्योगिक क्षेत्र है। इस क्षेत्र में दुग्दा कोलवाशरी बीसीसीएल की एक प्रमुख कोल वाशरी है। गिरिडीह के वर्तमान सांसद सह एनडीए प्रत्याशी चंद्र प्रकाश चौधरी के 5 वर्षों के कार्यकाल में इस दुग्दा कोलवाशरी की सुद्धि नहीं ली । दुग्दा कोलवाशरी धीरे धीरे इन दोनों बंद की स्थिति में पहुंच गई है।

जबकि इस कोलवाशरी प्लांट में पूर्व में 1800 सौ स्थायी मजदूर कार्यरत थे । साथ ही साथ 2000 ठेका मजदूर भी काम करते थे। लेकिन वर्तमान समय में दुग्दा कोलवाशरी में अनिवार्य सेवा के कर्मी समेत अन्य कर्मी मात्र 208 कार्यरत है । दुग्दा कोलवाशरी कभी 24 घंटे में 700 मेट्रिक टन कोयला वास करता था। प्रबंधन के उद्योग विरोधी नीति के वजह से वर्ष 2021 से दुग्ध कोलवाशरी प्लांट में रो कॉल का कोई भी रैक नहीं आया।

धीरे-धीरे दुग्दा कोलवाशरी प्लांट बंदी के कगार पर पहुंच गया ।कोलवाशरी के मजदूरों और श्रम संगठनों के प्रतिनिधियों ने वर्तमान सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी के समक्ष दुग्ध कोलवसारी की समस्याओं को रखा था। निवर्तमान सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी ने दुग्दा कोलवाशरी की समस्या को लोकसभा के विशेष सत्र में उठाया लेकिन पुनः इस मसले पर सदन की क्या कार्यवाही हुई। इसकी कोई शुद्धि नहीं ली। जिस कारण एशिया महादेश का सबसे बड़ा कोलवाशरी बंद के दहलीज पर खड़ा है। लोकसभा चुनाव में चंद्रपुर दुग्दा दामोदा क्षेत्र के मतदाताओं का सबसे बड़ा ज्वलंत मुद्दा दुग्दा कोलवाशरी बना हुआ है । लोकसभा चुनाव में मतदाता अगर दुग्दा कोलवाशरी प्लांट को मुद्दा बनाते हैं तो चुनाव काफी दिलचस्प हो जाएगा।निबर्तमान सांसद पर प्रशन तो उठेगा ही।

NEWS ANP के लिए गिरिडीह से धर्मेन्द्र सिंह की रिपोर्ट…

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